थराली आपदा : आसमान से बरसी आफ़त, 150 लोग राहत शिविरों में बने शरणार्थी
देहरादून, 23 अगस्त। चमोली जिले के थराली में शुक्रवार आधी रात बादल फटने की विभीषिका ने तबाही का मंजर खड़ा कर दिया। घुप्प अंधेरे और तेज़ बारिश के बीच लोगों ने अपने घर-आंगन को मलबे में बदलते देखा। चीख-पुकार और अफ़रातफ़री के बीच प्रशासन और राहत दलों ने तुरंत मोर्चा संभाला। 150 से अधिक लोगों को आपदाग्रस्त क्षेत्र से निकाल कर राहत शविरों तक पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धमी ने मृतकों के आश्रितों को पांच लाख तथा जिनके मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं उनको भी पांच लाख की राहत राशि देने के निर्देश दिए हैं।
दिनभर चले रेस्क्यू अभियान में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना, एसएसबी और आईटीबीपी की टीमें कंधे से कंधा मिलाकर जुटीं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं हालात पर नज़र रखे हुए हैं। उन्होंने कहा, “सरकार इस कठिन घड़ी में हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। किसी को भी अकेला महसूस नहीं होने दिया जाएगा।”
इस त्रासदी में एक युवती की मौत हो गई है, जबकि एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना है। सुबह होते ही मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और राहत कार्यों की समीक्षा की। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि 150 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी मौके पर जुटे हैं। 10 से 12 घर मलबे में बुरी तरह दबे हैं, 20 से अधिक मकानों में पानी और मलबा घुस चुका है, जबकि दो घर पूरी तरह ध्वस्त हो गए। लगभग 150 प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित शिविरों में ले जाया गया है। मलबा हटाने के लिए पाँच जेसीबी मशीनें लगातार काम कर रही हैं।
प्रशासन ने थराली, देवाल और नारायणबगड़ क्षेत्र के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली में डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट और एंबुलेंस की टीम तैनात कर दी है। अतिरिक्त चिकित्सा दल कर्णप्रयाग और देवाल से भी भेजे गए हैं ताकि किसी को उपचार के लिए भटकना न पड़े।
थराली की शांत वादियों में अचानक बरसी इस आफ़त ने लोगों को दहला दिया है। अपने आशियाने खो चुके परिवार अब शिविरों में शरण लिए हुए हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर किसी की आंखों में घर उजड़ने का दर्द साफ झलक रहा है। मगर राहत शिविरों में जुटा प्रशासनिक तंत्र और स्थानीय लोग उन्हें भरोसा दिला रहे हैं कि मुश्किल की इस घड़ी में पूरा राज्य उनके साथ खड़ा है।


