2027 कुंभ मेले की तैयारियों को रफ्तार, स्थलीय निरीक्षण और बैठक में मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

हरिद्वार, 12 सितंबर। उत्तराखंड सरकार ने 2027 में होने वाले कुंभ मेले को दिव्य और भव्य स्वरूप देने के लिए तैयारियों की गति तेज कर दी है। इसी क्रम में मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने शुक्रवार को हरिद्वार पहुंचकर मेले की तैयारियों का जायजा लिया। पहले उन्होंने पूरे मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों और प्रस्तावित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उसके बाद सीसीआर सभागार में जनप्रतिनिधियों, विभिन्न संस्थाओं और व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर चर्चा की और सुझाव लिए।

स्थलीय निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने हरकी पैड़ी से लेकर गौरी शंकर द्वीप, नमामि गंगे घाट, मोक्ष घाट, बैरागी कैंप, दक्ष द्वीप और पंतद्वीप तक का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। जिन घाटों पर रेलिंग नहीं लगी है, वहां तत्काल रेलिंग लगाने के आदेश दिए गए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है कि दिसंबर 2026 तक सभी स्थायी और अस्थायी निर्माण कार्य पूरे हो जाएं।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौरी पार्किंग स्थल पर मल्टी मॉडल हब के निर्माण, चंडी देवी मंदिर तक रोपवे परियोजना, दिव्य प्रेम मिशन आश्रम के पास नीलधारा में कल्चरल हब, नमामि गंगे घाट पर लेजर शो की योजना, बैरागी कैंप क्षेत्र में अखाड़ों और धार्मिक संस्थाओं के शिविरों की व्यवस्था, कनखल क्षेत्र में पार्किंग और लैंडस्केपिंग के साथ पैदल पुल निर्माण जैसी योजनाओं का जायजा लिया। इसके अलावा आईरीस सेतु से श्री यंत्र मंदिर तक सड़क सुदृढ़ीकरण, झंडा चौक कनखल के चौड़ीकरण, भीमगोड़ा से चमगाद्ध टापू तक स्थायी पुल निर्माण और खड़खड़ी श्मशान घाट क्षेत्र के विकास कार्यों की भी समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
निरीक्षण के बाद मुख्य सचिव ने सीसीआर सभागार में जनप्रतिनिधियों, श्रीगंगा सभा, व्यापार मंडल, प्रेस क्लब और अन्य संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने कहा कि कुंभ मेला केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि सामाजिक सहयोग से ही सफल हो सकता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और संस्थाओं को आश्वस्त किया कि उनके सुझावों को गंभीरता से लिया जाएगा और उन्हें तैयारियों में शामिल किया जाएगा। मुख्य सचिव ने बताया कि मेला अधिकारी और जिलाधिकारी सभी विभागों से समन्वय बनाकर कार्यों को समय पर पूरा करेंगे।
बैठक में महापौर किरण जैसल, मेला अधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, श्रीगंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम, होटल एसोसिएशन, व्यापार मंडलों और प्रेस क्लब हरिद्वार के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने अपनी-अपनी ओर से सुझाव दिए और मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया।
मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने कहा कि 2027 का कुंभ मेला उत्तराखंड की पहचान बनेगा। इसके लिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, स्वच्छता और सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा है कि 2027 का कुंभ पूरी तरह दिव्य और भव्य रूप में आयोजित हो, जिससे यहां आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को अविस्मरणीय अनुभव मिल सके।


