450 मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी, 65 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स खंगाले

देहरादून, 12 सितंबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नशामुक्त उत्तराखंड बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने प्रदेश भर में ‘ड्रग फ्री उत्तराखंड – 2025’ मिशन के तहत व्यापक अभियान शुरू किया है। स्वास्थ्य सचिव एवं एफडीए आयुक्त, डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि विभाग ने नकली दवाओं और नशीले पदार्थों की बिक्री पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। इस मिशन के तहत अब तक राज्यभर में 450 से ज्यादा मेडिकल स्टोरों और 65 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर छापेमारी की गई है।
डॉ. कुमार ने मंगलवार को विभागीय मुख्यालय में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि नेपाल सीमा से सटे इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके। भविष्य में इस अभियान को और मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। अगले दो से तीन महीनों में सैंपलिंग के लिए दस और अत्याधुनिक मोबाइल वैन मिलेंगी, जिससे जांच की प्रक्रिया तेज होगी। साथ ही, देहरादून स्थित प्रयोगशाला को भी आधुनिक उपकरणों से लैस किया जाएगा। 18 नए औषधि निरीक्षकों को भी जल्द ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाएंगी।
अभियान के दौरान, चमोली, पिथौरागढ़ और चम्पावत जैसे सीमांत जिलों पर खास ध्यान दिया जाएगा। डॉ. कुमार ने स्पष्ट किया कि अगले तीन महीने निर्णायक होंगे, जिसमें अवैध ड्रग्स वितरण नेटवर्क की गहन जांच की जाएगी। उन्होंने अंतर्राज्यीय समन्वय को और मजबूत बनाने पर जोर दिया ताकि अपराधी भाग न सकें। यह अभियान केवल एक नारा नहीं है, बल्कि एक ठोस प्रयास है जिसका लक्ष्य एक सुरक्षित, स्वस्थ और नशामुक्त उत्तराखंड का निर्माण करना है।


