दून में डॉक्टर बनकर रह रहा बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार

“ऑपरेशन कालनेमि” में देहरादून पुलिस की बड़ी सफलता
देहरादून, 01सितंबर । देहरादून पुलिस ने रविवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सेलाकुई क्षेत्र से एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है, जो अपनी असली पहचान छिपाकर लंबे समय से अवैध रूप से रह रहा था। पुलिस ने उसे उस समय पकड़ा जब वह खुद को बंगाली डॉक्टर बताकर स्थानीय स्तर पर क्लिनिक चला रहा था। आरोपी के पास से पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस भी बरामद किए हैं।
एसएसपी देहरादून को गोपनीय सूचना मिली थी कि सेलाकुई क्षेत्र में एक बांग्लादेशी नागरिक नकली पहचान के सहारे रह रहा है। इस पर उन्होंने लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) को कार्रवाई के निर्देश दिए। एलआईयू सहसपुर की टीम ने अभियान चलाते हुए कैंचीवाला धूमनगर चौक क्षेत्र से आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने पहले खुद को अमित कुमार, पश्चिम बंगाल निवासी बताया, लेकिन सख्ती से पूछने पर उसने स्वीकार किया कि उसका वास्तविक नाम चयन अधिकारी है और वह मूल रूप से जेसोर, बांग्लादेश का निवासी है।
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी वर्ष 2017-18 में बेनापोल बॉर्डर से पासपोर्ट के जरिए भारत आया था। इसके बाद वह उत्तर प्रदेश के संभल जिले में अपने ताऊ शंकर के पास रहने लगा, जो स्वयं बंगाली डॉक्टर की क्लिनिक चलाते थे। वहीं उसने मेडिकल प्रैक्टिस सीखी और अपनी असली पहचान छिपाकर अमित कुमार नाम से आधार, पैन और ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिए। वर्ष 2022 में ताऊ की मृत्यु के बाद उसने पकड़े जाने के डर से अपना बांग्लादेशी पासपोर्ट जला दिया और अलग-अलग जगहों पर भारतीय पहचान पत्रों के आधार पर काम करता रहा। कुछ समय पहले वह सेलाकुई आकर अवैध रूप से क्लिनिक चला रहा था।
गिरफ्तार आरोपी की उम्र लगभग 27 वर्ष है। उसके खिलाफ थाना सेलाकुई में विदेशी अधिनियम की धारा 14 सहित भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एलआईयू, स्पेशल ब्रांच, एसओजी, स्थानीय पुलिस और आईबी संयुक्त रूप से उससे पूछताछ कर रही है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी के पास से बरामद फर्जी दस्तावेजों के नेटवर्क और उसके संपर्कों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी से यह साफ है कि उसने योजनाबद्ध तरीके से भारत में रहकर अपनी पहचान छिपाई और अवैध गतिविधियों में संलिप्त रहा। दून पुलिस का यह ऑपरेशन “कालनेमि” बड़ी सफलता माना जा रहा है।27


