महिला सुरक्षा पर उत्तराखंड की छवि को धूमिल करने का प्रयास, महिला आयोग ने जताई नाराजगी

बोली कुसुम कंडवाल आयोग जल्द ही रिपोर्ट से जुड़े तथ्यों को करेगा तलब
देहरादून,01सितंबर। उत्तराखंड की छवि को लेकर जारी एक निजी रिपोर्ट पर राज्य महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने स्पष्ट किया है कि देहरादून को महिलाओं के लिए असुरक्षित शहरों की सूची में शामिल करना पूरी तरह भ्रामक और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि केवल 12,770 महिलाओं पर आधारित सर्वे से 31 शहरों की महिला सुरक्षा का आकलन करना किसी भी तरह विश्वसनीय नहीं हो सकता।
दिल्ली में हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम में निजी कंपनी पीवैल्यू एनालिटिक्स के सर्वे पर आधारित पुस्तक ‘नारी 2025’ प्रकाशित की गई थी, जिसमें देहरादून को असुरक्षित शहरों में गिना गया। इस पर कुसुम कण्डवाल ने सख्त आपत्ति जताते हुए कहा कि देहरादून की महिलाएं अच्छी तरह जानती हैं कि यहां सरकार और प्रशासन महिला सुरक्षा को लेकर लगातार सतर्क है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस विषय पर बेहद संवेदनशील हैं और किसी भी अप्रिय घटना पर त्वरित कार्रवाई होती है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस रिपोर्ट का न तो राज्य महिला आयोग से कोई संबंध है और न ही राष्ट्रीय महिला आयोग इसका समर्थन करता है। कण्डवाल के मुताबिक, पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजय रहाटकर मौजूद थीं, लेकिन उन्होंने भी इसे अपनी संस्था की ओर से मान्यता प्राप्त रिपोर्ट मानने से इंकार किया।
राज्य महिला आयोग का कहना है कि देहरादून की छवि को धूमिल करने की इस कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोग जल्द ही रिपोर्ट से जुड़े तथ्यों को तलब करेगा और आवश्यक कार्रवाई करेगा।


