DM ने बदली चार बहनों की जिंदगी, बदकिस्मती की चौखट लांघ पहुंची स्कूल

DM ने बदली चार बहनों की जिंदगी, बदकिस्मती की चौखट लांघ पहुंची स्कूल

DM ने बदली चार बहनों की जिंदगी, बदकिस्मती की चौखट लांघ पहुंची स्कूल
DM सविन बंसल ने किया चार बहनों की पढ़ाई का इंतजाम

बिन मां और बेरोजगार पिता की बेटियां अब पढ़ेंगी और आगे बढ़ेंगी

DM ने बदली चार बहनों की जिंदगी, बदकिस्मती की चौखट लांघ पहुंची स्कूल
DM सविन बंसल

देहरादून, 03 सितंबर। चार बहनों की जिंदगी अचानक नई राह पर मुड़ गई है। मां को कई साल पहले खो चुकीं ये बेटियां अब तक स्कूल का मुंह नहीं देख पाई थीं। पिता रोज़गार से दूरी बनाए हुए हैं, ऐसे में घर की बड़ी बेटी सरिता ही छोटी बहनों की परवरिश और जिम्मेदारियों का बोझ उठा रही थी। लेकिन गरीबी और हालातों की मार ने बहनों की पढ़ाई छीन ली थी। फीस के लिए पैसे नहीं थे, न ही कोई सहारा। ऐसे में जिलाधिकारी सविन बंसल ने उनकी व्यथा को समझा और इनकी पढ़ाई का इंतजाम करते हुए स्कूल में दाखिला ‘प्रोजेक्ट नंदा सुनंदा’ के तहत करवा दिया। उनका जिस प्रकार स्कूल में स्वागत किया गया उससे यह बालिकाएं और भी गदगद हैं।

हाल ही में सरिता अपनी व्यथा लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल के पास पहुंची। उसने अपनी मां की मौत, पिता की बेरुखी और बहनों की अधूरी पढ़ाई की कहानी सुनाई। उसकी मासूम गुहार थी कि बहनों को पढ़ने का मौका मिले। DM ने तत्काल संज्ञान लिया और मुख्य शिक्षा अधिकारी को तीनों बहनों का स्कूल में दाखिला कराने का निर्देश दिया। अगले ही दिन ये बच्चियां राजकीय प्राथमिक विद्यालय लाडपुर, रायपुर की छात्रा बन गईं। प्रधानाध्यापिका ने न सिर्फ उनका स्वागत किया, बल्कि उन्हें किताबें, यूनिफॉर्म और ज़रूरी सामान भी उपलब्ध कराया।

इतना ही नहीं, सरिता के संघर्ष को भी प्रशासन ने समझा। उसे रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि वह आत्मनिर्भर होकर अपनी बहनों का सहारा बन सके। जल्द ही उसे प्रशिक्षण देकर नौकरी और स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा।

जिला प्रशासन ने यह कदम केवल एक परिवार की मदद के लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए एक संदेश के तौर पर उठाया है। आर्थिक रूप से कमजोर और असहाय बेटियों को मुख्यधारा से जोड़ने की यह पहल ‘प्रोजेक्ट नंदा सुनंदा’ के जरिए निरंतर आगे बढ़ाई जा रही है। DM ने साफ कहा कि शिक्षा ही बच्चों का भविष्य बदल सकती है और हर बेटी को पढ़ने का अधिकार है।

गरीबी और अभाव के अंधेरे में घिरी इन बेटियों के जीवन में अब उम्मीद की रोशनी है। प्रशासन की यह संवेदनशील पहल साबित करती है कि जब व्यवस्था दिल से आगे आए तो टूटे सपनों को भी नया आसमान मिल सकता है।

uncut24x7.com

By Raju Pushola

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

ग्राम प्रहरियों से बोली टिहरी पुलिस सजग रहें, सचेत रहें, सुरक्षित रहें

Wed Sep 3 , 2025
ग्राम प्रहरियों से बोली टिहरी पुलिस सजग रहें, सचेत रहें, सुरक्षित रहें थाना लम्बगांव पुलिस ने ग्रामीणों को किया जागरूक टिहरी, 03 सितंबर। टिहरी गढ़वाल पुलिस ने ग्राम प्रहरियों और ग्रामीणों को जागरूक करने की एक पहल शुरू की है। एसएसपी टिहरी, आयुष अग्रवाल के निर्देश पर थाना लम्बगांव परिसर […]

You May Like

Chief Editor

Annu Pushola

Share
error: Content is protected !!