‘रोटी’ अब टैक्स फ्री, सरकार ने गरीब की थाली से हटाया बोझ

12 व 28% का स्लैब खत्म अब लगेगा केवल 5 और 18% GST

आर्थिक सुधार व GST सरलीकारण को लेकर मोदी सरकार का अहम फैसला
नई दिल्ली, 04 सितंबर।रोटी…, जिसके लिएआम आदमी सुबह से शाम तक पसीना बहाता है, किसान खेत जोतता है और माँ अपने बच्चों को खिलाने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करती है कि घर का चूल्हा जले और रोटी पक सके। अब उस रोटी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। मोदी सरकार ने गरीब की थाली से यह बोझ पूरी तरह उतार दिया है। यह सिर्फ एक आर्थिक घोषणा नहीं, बल्कि करोड़ों गरीबों के दिल में उम्मीद और सुकून जगाने वाला फैसला है। मोदी सरकार ने इनकम टैक्स में राहत देने के बाद अब आम आदमी से लेकर किसान और छोटे उद्यमियों तक को बड़ी सौगात दी है। जीएसटी परिषद ने टैक्स दरों में बड़ा बदलाव करते हुए अब केवल दो स्लैब—5 और 18 प्रतिशत—रख दिए हैं। पहले मौजूद 12 और 28 प्रतिशत स्लैब को खत्म कर दिया गया है।

दिल्ली में देर रात 10 घंटे तक चली मैराथन बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी परिषद के फैसलों के बारे में जानकारी दी। मोदी सरकार ने आर्थिक बदलावों को लेकर बहुत बड़ा फैसला लिया है। GST का और अधिक सरलीकरण करते हुए इसे अब केवल दो स्लैब में समेट दिया है। इस नई व्यवस्था से जहां कुछ उत्पादन पर पूरी तरीके से टैक्स खत्म हो जाने से गरीब को महंगाई की मार से थोड़ी राहत मिलेगी वही छोटे व्यापारियों को भी इससे लाभ होगा।
इस बदलाव के बाद रोटी, पराठा, पिज़्ज़ा ब्रेड, सादी चपाती और दूध जैसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थ पूरी तरह टैक्स फ्री हो गए हैं। जीवनरक्षक दवाओं, स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा पर भी कोई टैक्स नहीं लगेगा। वहीं मक्खन, पनीर, कंडेंस्ड मिल्क और कई डेयरी उत्पादों पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
किसानों को भी बड़ी राहत दी गई है। सल्फ्यूरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड और अमोनिया जैसे उर्वरक कच्चे माल पर जीएसटी 18 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। कृषि उपकरण, हैंड पंप, ड्रिप इरीगेशन और स्प्रिंकलर नोजल, कटाई-थ्रेसिंग मशीनरी, डीजल इंजन (15 हार्स पावर तक) और ट्रैक्टर पर भी अब केवल 5 प्रतिशत कर लगेगा।
ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भी आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। 1200 सीसी तक की पेट्रोल और हाइब्रिड कारें, 1500 सीसी तक की डीजल और हाइब्रिड कारें, तिपहिया वाहन, 350 सीसी तक की मोटरसाइकिलें और मालवाहक गाड़ियां अब 28 के बजाय 18 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में आ गई हैं। ट्रैक्टर और उनके टायर-पुर्जों पर भी टैक्स घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
हालांकि, लग्ज़री कारों, तंबाकू और सिगरेट पर टैक्स दरें 40 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई हैं। इसी तरह कोल्ड ड्रिंक्स, कार्बोनेटेड पेय और कैफीन युक्त ड्रिंक्स भी अब महंगे हो जाएंगे क्योंकि इन पर कर की दर 28 से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन बदलावों से मध्यम वर्ग की जेब में राहत पहुंचेगी और त्योहारों से पहले घरेलू खपत में तेज़ी आएगी। सरकार को उम्मीद है कि मांग बढ़ने से निजी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा और अर्थव्यवस्था की रफ्तार तेज होगी।


