मातृशक्ति को नमन : 13 महिलाओं को तीलू रौतेली और 33 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को सम्मान

देहरादून, 04 सितंबर। उत्तराखंड की वीरांगना तीलू रौतेली की स्मृति में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 13 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार और 33 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को उत्कृष्ट सेवा सम्मान प्रदान किया। राजधानी स्थित आईआरडीटी सभागार में हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाएं और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मात्र 15 वर्ष की आयु में तीलू रौतेली ने जिस साहस और पराक्रम का परिचय दिया, वह आज भी प्रेरणादायक है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “नारी तू नारायणी” मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू करने, समान नागरिक संहिता लागू करने और विभिन्न योजनाओं के जरिए मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के ठोस कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री ने तीलू रौतेली पुरस्कार की राशि 31 हजार से बढ़ाकर 51 हजार और आंगनवाड़ी कार्यकत्री सम्मान राशि 21 हजार से बढ़ाकर 51 हजार रुपये करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बच्चों के शुरुआती विकास और संस्कारों में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार ने इनके मानदेय में वृद्धि और पदोन्नति की व्यवस्था भी की है।
कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में महिलाओं के कल्याण के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं, जिनमें आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाना एक महत्वपूर्ण कदम है। आयोजन में विधायक खजान दास, सचिव चंद्रेश कुमार और निदेशक बंशीलाल राणा भी मौजूद रहे।
इस वर्ष तीलू रौतेली सम्मान पाने वालों में अल्मोड़ा की मीता उपाध्याय, बागेश्वर की अलिशा मनराल, चमोली की सुरभि, चम्पावत की अनामिका बिष्ट, देहरादून की शिवानी गुप्ता, हरिद्वार की रूमा देवी, नैनीताल की नैना, पौड़ी गढ़वाल की रोशमा देवी, पिथौरागढ़ की रेखा भट्ट, रुद्रप्रयाग की हेमा नेगी करासी, टिहरी गढ़वाल की साक्षी चौहान, ऊधमसिंह नगर की रेखा और उत्तरकाशी की विजयलक्ष्मी जोशी शामिल हैं।


