केदारनाथ धाम के पास चौराबाड़ी ग्लेशियर में हिमस्खलन, प्रशासन अलर्ट

रुद्रप्रयाग, 4 सितंबर 2025: केदारनाथ धाम के ठीक पीछे पांच किमी की दूरी पर स्थित चौराबाड़ी ग्लेशियर में हिमस्खलन हुआ है। दोपहर बाद करीब दो बजे हुए हिमस्खलन से रेस्क्यूू टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार नुकसान की कोई सूचना नहीं है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
वर्ष 2013 में केदारनाथ में आई भीषण तबाही का एक बड़ा कारण चौराबाड़ी ताल का फटना था। जल प्रलय का सबब बने ताल के पानी के साथ भारी मात्रा में आए मलबे ने सबकुछ मटियामेट कर दिया था। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि आज दोपहर लगभग दो बजे चौराबाड़ी ग्लेशियर में एक एवलांच हुआ। उन्होंने कहा कि यह हिमालयी क्षेत्रों में मौसम और प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण होने वाली एक सामान्य घटना है। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही विशेषज्ञ टीमों को मौके पर भेजा गया, जो स्थिति का आकलन कर रही हैं। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने की अपील करते हुए कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, स्थितियां नियंत्रण में हैं।
चौराबाड़ी ग्लेशियर पर एक नजर
चौराबाड़ी ग्लेशियर लगभग 6 किलोमीटर लंबा और 2 किलोमीटर चौड़ा है।
यह ग्लेशियर समुद्र तल से लगभग 3,800 मीटर (12,500 फीट) की ऊँचाई पर स्थित है।
इस ग्लेशियर से मंदाकिनी नदी निकलती है, जो अलकनंदा नदी की एक प्रमुख सहायक नदी है।
चौराबाड़ी ग्लेशियर और उससे बनी झील का इतिहास हजारों साल पुराना है। वैज्ञानिकों के अनुसार,
300 मीटर लंबा और 175 मीटर चौड़ा चौराबाड़ी ताल लगभग 2,000 से 5,000 साल पुरानाा था।
2013 के बाद की घटनाएं
वर्ष 2022: सितंबर और अक्टूबर 2022 में भी चौराबाड़ी ग्लेशियर के पास तीन बार हिमस्खलन हुआ।
वर्ष 2023: मई और जून 2023 में इस क्षेत्र में पांच हिमस्खलन की घटनाएं दर्ज की गईं।
वर्ष 2024: जून 2024 में भी केदारनाथ के पास चौराबाड़ी ग्लेशियर के करीब हिमस्खलन हुआ, जिसे वैज्ञानिकों ने एक सामान्य घटना बताया


