उत्तराखंड में आपदा से हुए नुकसान का सोमवार को जायजा लेगी केंद्रीय टीम

उत्तराखंड में आपदा से हुए नुकसान का सोमवार को जायजा लेगी केंद्रीय टीम

उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी, बागेश्वर और नैनीताल जाएंगे

देहरादून, 06 सितंबर। उत्तराखंड में इस बार की भारी बारिश और आपदाओं से हुई तबाही का जायजा लेने के लिए केंद्र से आई अंतर मंत्रालयीय टीम सोमवार को राज्य का दौरा करेगी। आपदा प्रबंधन विभाग ने इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। टीम अलग-अलग जिलों में जाकर नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन करेगी और केंद्र सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि एनडीएमए के विभागाध्यक्ष राजेंद्र सिंह और सचिव मनीष भारद्वाज ने राज्य को आपदा से हुई क्षति की भरपाई के लिए हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। सोमवार को केंद्रीय टीम के साथ शासन स्तर पर बैठक आयोजित होगी, जिसमें प्रदेश में आई आपदाओं से हुई वास्तविक क्षति का ब्यौरा रखा जाएगा। साथ ही जल्द ही पोस्ट डिजास्टर नीड असेसमेंट (पीडीएनए) की प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि प्रभावित इलाकों का सटीक मूल्यांकन किया जा सके।

सचिव सुमन के अनुसार, इस वर्ष अब तक 574 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले कई वर्षों में सबसे अधिक है। इसी वजह से राज्य को असाधारण क्षति झेलनी पड़ी है। केंद्रीय टीम को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी, बागेश्वर और नैनीताल जिलों का दौरा कराया जाएगा। इसके लिए विस्तृत कार्यक्रम तैयार कर लिया गया है। टीम को दो हिस्सों में बांटा गया है, ताकि वे अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर नुकसान का प्रत्यक्ष आकलन कर सकें।

इस टीम का नेतृत्व गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव आर. प्रसना करेंगे। उनके साथ उप निदेशक महेश कुमार, अधीक्षण अभियंता सुधीर कुमार, उप निदेशक विकास सचान, मुख्य अभियंता पंकज सिंह और निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह शामिल रहेंगे। राज्य सरकार ने अब तक की क्षति को देखते हुए भारत सरकार से 5702.15 करोड़ रुपये की विशेष सहायता मांगी है। इसमें से करीब 1944.15 करोड़ रुपये क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण और पुनर्प्राप्ति पर खर्च करने का प्रस्ताव है, जबकि 3758 करोड़ रुपये उन परिसंपत्तियों और बुनियादी ढांचों को स्थिर करने के लिए मांगे गए हैं, जो आपदा की चपेट में आने के खतरे में हैं। इसके अलावा, जिन लोगों की आजीविका इस आपदा से प्रभावित हुई है, उनके पुनर्वास के लिए भी प्रस्ताव भेजा गया है।

नई दिल्ली से लौटने के बाद सचिव सुमन ने यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में पत्रकारों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय टीम के भ्रमण के लिए ‘मिनट-टू-मिनट’ कार्यक्रम तैयार कर लिया गया है। इसके लिए हुई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता स्वयं उन्होंने की, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी आनंद स्वरूप, डीआईजी राजकुमार नेगी और जेसीईओ मोहम्मद ओबैदुल्लाह अंसारी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।

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By Raju Pushola

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