आप की मांग: हिमालय को मिले राष्ट्रीय दर्जा
देहरादून, 9 सितंबर 2025। हिमालय दिवस के अवसर पर आम आदमी पार्टी (आप) युवा मोर्चा ने केंद्र और राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि हिमालय क्षेत्र की लगातार बिगड़ती स्थिति अब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।
हिमालय संकट राष्ट्रीय सुरक्षा का खतरा
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सचिन थपलियाल ने भारत सरकार को भेजे गए ज्ञापन (मेमोरेंडम) में कहा कि उत्तराखंड और सम्पूर्ण हिमालयी क्षेत्र लगातार आपदाओं की चपेट में है। उन्होंने याद दिलाया कि 2013 की केदारनाथ आपदा में 6,000 से अधिक लोगों की जान गई, 2021 की चमोली त्रासदी में 200 मौतें हुईं, 2023 में जोशीमठ धंसाव से 800 से अधिक मकान प्रभावित हुए और 3,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए। इसके अलावा हर साल 1,000 से अधिक भूस्खलन इस संकट की भयावहता को उजागर करते हैं।
विशेषज्ञों के हवाले से थपलियाल ने कहा कि हिमालयी ग्लेशियर प्रतिवर्ष 8 अरब टन बर्फ खो रहे हैं। यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि इन ग्लेशियरों से निकलने वाली नदियाँ देश के 50 करोड़ लोगों की जीवनरेखा हैं।
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आम आदमी पार्टी ने हिमालय दिवस पर अपनी प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि हिमालयी पर्वतीय क्षेत्र को राष्ट्रीय पारिस्थितिक संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया जाए और सभी अवैध परियोजनाओं पर तत्काल रोक लगाई जाए। पार्टी ने अवैज्ञानिक बांध, सुरंग और खनन परियोजनाओं को बंद करने, मज़बूत आपदा पूर्व चेतावनी तंत्र विकसित करने और हिमालय दिवस को राष्ट्रीय दिवस का दर्जा देने की मांग भी की।
प्रदेश अध्यक्ष सचिन थपलियाल ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हिमालय संकट केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे भारत के पर्यावरण, खाद्य सुरक्षा और नागरिक जीवन को प्रभावित करेगा। इस संबंध में भेजे गए ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, पर्यावरण मंत्री, नैनीताल हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव को भी प्रेषित की गई है।
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