आपदाग्रस्त उत्तराखंड को पीएम ने लगाया 1200 करोड़ का मरहम, बोले केंद्र सरकार आपके साथ

देहरादून, 11 सितंबर। प्राकृतिक आपदा से भारी तबाही झेल रहे उत्तराखंड को राहत देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देहरादून में राज्य के लिए 1200 करोड़ की विशेष वित्तीय सहायता की घोषणा की। यह पैकेज आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों पर व्यय किया जाएगा। देहरादून के जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पर ही प्रधानमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश की स्थिति पर राज्य सरकार के साथ मंथन किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड के साथ खड़ी है और आपदा प्रभावित हर परिवार तक सहायता पहुँचाना उसकी प्राथमिकता है। उन्होंने राज्य सरकार की “विशेष परियोजना” को समर्थन देते हुए स्पष्ट किया कि जिन परिवारों ने बाढ़ और भूस्खलन में अपने घर खोए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत नया आश्रय प्रदान किया जाएगा।
व्यापक राहत पैकेज
घोषित सहायता राशि से राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों की मरम्मत, शिक्षा संस्थानों की बहाली, पशुपालकों को मिनी किट उपलब्ध कराना और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से अतिरिक्त सहयोग जैसे कदम उठाए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि प्रभावित क्षेत्रों के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं से नुकसान कम किया जा सके।
मृतक परिवारों और अनाथ बच्चों के लिए विशेष प्रावधान
प्रधानमंत्री मोदी ने आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों को ₹2 लाख और गंभीर रूप से घायलों को ₹50 हजार की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन बच्चों के लिए, जिन्होंने आपदा में अपने माता-पिता को खो दिया है, “PM CARES for Children” योजना के अंतर्गत दीर्घकालिक देखभाल और शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधाएँ सुनिश्चित करने का ऐलान किया।

केंद्रीय दलों का आकलन और आगे की मदद
केंद्र सरकार ने पहले ही अंतर-मंत्रालयी दलों को उत्तराखंड भेजा है, जो ज़मीनी स्तर पर नुकसान का आकलन कर अपनी रिपोर्ट देंगे। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की अतिरिक्त वित्तीय सहायता और दीर्घकालिक पुनर्निर्माण योजनाएँ तय की जाएंगी।
राहत कार्यों की सराहना
प्रधानमंत्री ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, राज्य प्रशासन और स्वयंसेवी संगठनों द्वारा किए जा रहे राहत और बचाव कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर हर प्रभावित परिवार को सुरक्षित पुनर्वास और स्थायी सहारा प्रदान करेंगे।


