नेपाल हालात: कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भी असर, यात्रियों को चेतावनी

हल्द्वानी, 11 सितंबर। नेपाल की बिगड़ती स्थिति का असर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भी साफ दिखाई देने लगा है। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने नेपाल मार्ग से यात्रा करने वाले भारतीय श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जारी एक परामर्श में यात्रियों से आग्रह किया है कि वे मौजूदा हालात को देखते हुए सतर्क रहें और अनावश्यक जोखिम न उठाएं। यह चेतावनी खासतौर पर उन यात्रियों के लिए दी गई है जो निजी टूर ऑपरेटरों के जरिये नेपाल से होकर तिब्बत की ओर जा रहे हैं।
पड़ोसी देश नेपाल में लगातार बढ़ रही राजनीतिक अस्थिरता और हिंसक घटनाओं ने उत्तराखंड में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है। भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (SSB) को हाई अलर्ट पर रखा गया है और सीमावर्ती गांवों से लेकर मुख्य चेकपोस्ट तक कड़ी निगरानी बढ़ा दी गई है। कुमाऊं रेंज की पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल ने स्वयं सीमावर्ती इलाकों का दौरा कर सुरक्षा इंतज़ामों की समीक्षा की।
आईजीपी रिद्धिम अग्रवाल के मुताबिक, केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप सीमा पर सघन जांच की जा रही है। सीमा पर संयुक्त गश्त बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के नागरिकों की आवाजाही पर आंशिक प्रतिबंध लगाया गया है ताकि कोई भी असामाजिक तत्व मौक़े का फायदा न उठा सके।
इस बीच, काठमांडू में हालात बिगड़ने से वहां फंसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए भारतीय दूतावास ने हवाई अड्डे पर एक विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किया है। यह डेस्क न केवल यात्रियों को जरूरी जानकारी और सहायता उपलब्ध कराएगा बल्कि उनके सुरक्षित वापसी के लिए भी समन्वय करेगा।
भारत सरकार ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले सभी आधिकारिक सूचनाओं की पुष्टि कर लें और अनावश्यक यात्रा से बचें। सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नज़र रखे हुए हैं और हरसंभव कोशिश की जा रही है कि भारतीय नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा या खतरे का सामना न करना पड़े।


