दून अस्पताल का सीएम ने किया औचक निरीक्षण, मरीजों और परिजनों से सीधे संवाद कर दिए सुधार के निर्देश

देहरादून, 13 सितंबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार की संध्या को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की व्यवस्थाओं, उपचार की गुणवत्ता और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने न केवल अस्पताल प्रशासन से जानकारी ली, बल्कि सीधे मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति को समझा।
मुख्यमंत्री ने वार्डों में भर्ती मरीजों से उनके उपचार की जानकारी ली और पूछा कि अस्पताल की ओर से उन्हें कैसी चिकित्सीय सुविधाएं मिल रही हैं। मरीजों और तिमारदारों से संवाद के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को प्रत्यक्ष रूप से परखा और मौके पर ही अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से अस्पताल परिसर में तिमारदारों के लिए सुविधाओं की व्यवस्था पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाले परिजन भी स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उन्हें भी सहज वातावरण मिलना चाहिए। इसके लिए उन्होंने प्रतीक्षालयों में पेयजल, पंखे और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने अस्पताल परिसर में स्वच्छता, नियमित सैनिटाइजेशन और रंग-रोगन की व्यवस्था तुरंत लागू करने को कहा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि अस्पताल केवल इलाज का स्थान नहीं, बल्कि यह रोगियों और उनके परिजनों के लिए मानसिक संबल का केंद्र भी है, इसलिए इसका स्वच्छ और व्यवस्थित होना अनिवार्य है।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री धामी ब्लड सैंपल कलेक्शन सेंटर भी पहुंचे। यहां उन्होंने सैंपल संग्रहण की प्रक्रिया, रिकॉर्डिंग और प्रयोगशाला में होने वाली टेस्टिंग संबंधी जानकारी ली। उन्होंने सेंटर में मौजूद तकनीक और संसाधनों की कार्यकुशलता की सराहना की और इस व्यवस्था की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों और अस्पताल प्रशासन को स्पष्ट कहा कि मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार देना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इसके लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री धामी ने अस्पताल परिसर में अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना हेल्प डेस्क का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों से योजना की कार्यप्रणाली, लाभार्थियों को दी जा रही सहायता, कार्ड निर्माण और क्लेम की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने मौके पर उपस्थित लाभार्थियों से भी उनके अनुभव पूछे और योजना से मिलने वाली सुविधाओं की वास्तविक स्थिति जानी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अटल आयुष्मान योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक बिना किसी परेशानी के पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए संजीवनी है और इसके प्रभावी क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अपर सचिव बंशीधर तिवारी, चिकित्सा अधीक्षक, वरिष्ठ चिकित्सक, प्रशासनिक अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और जनता को बेहतर सुविधाएं देने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।


