एसडीआरएफ जवानों की दिलेरी और रस्सियों के सहारे बची 70 ज़िंदगियां

देहरादून, 16 सितंबर : देहरादून में सोमवार शाम से हो रही बारिश ने देर रात तबाही मचानी शुरू कर दी। जैसे–जैसे रात ढलती गई चारों ओर से नुकसान की खबर ने प्रशासन को चौकन्ना कर दिया। राहत और बचाव कार्य के लिए टीमें रवाना की गई। सबसे खराब हालात सहस्त्रधारा क्षेत्र के थे। कार्लीगाड़ में बदल फटने से बाल्टी नदी उफान पर आ गई। कुछ लोगों के मलबे में दबे होने ओर कुछ के लापता होने की खबरें आई। मंगलवार तड़के ही SDRF ने कार्लीगाड़ में एक बड़ा बचाव अभियान चलाया। इस घटना से गांव की ओर जाने वाले रास्ते पूरी तरह से बाधित हो गए थे, जिसके कारण कई ग्रामीण अपने घरों में फंस गए थे। उन्हें रस्सियों के सहारे सुरक्षित निकाला गया।
बादल फटने की सूचना मिलते ही SDRF (एसडीआरएफ) की टीम उपनिरीक्षक राजबर राणा के नेतृत्व में तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई। रास्ते में तेज बहाव वाले नाले और टूटी हुई सड़कें टीम के लिए एक बड़ी चुनौती बन रही थीं, लेकिन जवानों ने हार नहीं मानी और पैदल ही प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचे।
घटनास्थल पर पहुंचकर, टीम ने स्थिति का जायजा लिया और तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। उन्होंने एक अस्थायी पुल और रस्सियों की मदद से एक सुरक्षित रास्ता बनाया ताकि लोग पानी से भरे गधेरे को पार कर सकें।
इस लगातार चले बचाव अभियान में एसडीआरएफ (SDRF) ने महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों समेत लगभग 70 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। SDRF के इस साहसी और त्वरित कार्रवाई की हर जगह सराहना हो रही है।


