त्यौहारी सीजन में मिलावट से सावधान: घर पर ही पहचानें खाद्य पदार्थों की शुद्धता

त्यौहारी सीजन में मिलावट से सावधान: घर पर ही पहचानें खाद्य पदार्थों की शुद्धता

देहरादून, 19 सितंबर। त्यौहारों के मौसम में मिठाइयों और खाने-पीने की वस्तुओं की खपत बढ़ जाती है और इसी दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। लोगों को इस गंभीर समस्या के प्रति जागरूक करने के लिए देहरादून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर (DLRC) और स्पेक्स (SPECS) की ओर से आयोजित ‘द देहरादून डायलॉग’ कार्यक्रम में पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. बृज मोहन शर्मा ने खाद्य मिलावट के खतरों पर विस्तार से चर्चा की।

डॉ. शर्मा ने बताया कि दूध से लेकर मसालों और दालों तक, लगभग हर रोजमर्रा की वस्तु में मिलावट पाई जा रही है। उन्होंने कहा कि दूध में यूरिया और डिटर्जेंट, घी में वनस्पति तेल, पनीर में कृत्रिम तेल, हल्दी में क्रोमियम येलो, मिर्च में लाल ऑक्साइड और धनिया पाउडर में लकड़ी का बुरादा जैसी मिलावट आम हो चुकी है। यहां तक कि आटा और पूजा सामग्री भी इससे अछूते नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यह मिलावट केवल आर्थिक धोखा नहीं है बल्कि गंभीर स्वास्थ्य संकट है, जो कैंसर, किडनी रोग, हार्मोनल असंतुलन और बच्चों के विकास में बाधा जैसी बीमारियों का कारण बन सकती है।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज को जागरूक करना और लोगों को मिलावट की पहचान कर उससे बचने के उपाय बताना था। डॉ. शर्मा ने कहा कि हमें न केवल इन मिलावटों को पहचानना सीखना होगा, बल्कि अपनी सेहत के प्रति और अधिक सतर्क भी रहना होगा। उन्होंने सभी वर्गों से मिलकर इस चुनौती का मुकाबला करने की अपील की।

इस अवसर पर उन्होंने वर्ष 2004 में स्पेक्स द्वारा विकसित “रसोई कसौटी” किट का भी उल्लेख किया। यह किट भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग से मान्यता प्राप्त है और देशभर में घर-घर में खाद्य पदार्थों की शुद्धता जांचने के लिए उपयोग की जा रही है। इसे श्री देव सुमन विश्वविद्यालय, उत्तरांचल विश्वविद्यालय, समय साक्ष्य और स्पीकिंग क्यूब के सहयोग से तैयार किया गया था।

डॉ. शर्मा ने लोगों को घर पर ही दूध, हल्दी, चीनी, चायपत्ती, आटा, नमक, दाल और सब्जियों की शुद्धता जांचने के सरल तरीके बताए। उदाहरणस्वरूप शुद्ध दूध चिकनी सतह पर धीरे-धीरे फैलता है, जबकि मिलावटी दूध पानी जैसा तेजी से बहता है। इसी तरह मिलावटी हल्दी गर्म पानी में घुलकर गहरा नारंगी रंग छोड़ देती है और चायपत्ती तुरंत गहरा रंग निकाल देती है। दालों को पानी में भिगोने पर यदि रंग उतरने लगे तो यह भी मिलावट का संकेत है। सब्जियों और फलों में असामान्य चमक या चिकनाई रासायनिक पॉलिशिंग और कृत्रिम पकाने की ओर इशारा करती है।

त्यौहारी सीजन में जहां मिठाइयाँ और व्यंजन लुभाते हैं, वहीं ज़रूरत है कि उपभोक्ता सतर्क रहें और थोड़ी सी सावधानी बरतकर न केवल मिलावटी खाद्य पदार्थों से बचें बल्कि अपने परिवार की सेहत को भी सुरक्षित रखें।

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By Raju Pushola

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