15 हजार फीट की ऊंचाई पर ‘मैराथन’ दो नवंबर को

गुंजी में आयोजित होगी ‘आदि कैलाश परिक्रमा रन’
देहरादून, 21 सितंबर। उत्तराखंड में पहली बार समुद्र तल से 15 हजार फीट की ऊंचाई पर मैराथन का ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास से ‘आदि कैलाश परिक्रमा रन’ के प्रोमो रन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और आयोजन का लोगो जारी किया। यह अल्ट्रा मैराथन राज्य स्थापना की रजत जयंती के उपलक्ष्य में 2 नवंबर को पिथौरागढ़ जिले के गुंजी गांव से आयोजित की जाएगी।
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि यह आयोजन राज्य में साहसिक और शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने, युवाओं को स्वास्थ्य के प्रति प्रेरित करने और नशा मुक्त उत्तराखंड की दिशा में अहम कदम साबित होगा। 10,300 से 15,000 फीट की ऊंचाई पर होने वाली यह मैराथन प्रतिभागियों के लिए चुनौतीपूर्ण और रोमांचक अनुभव होगी।
उन्होंने कहा कि यह केवल खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि सीमांत क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास, पलायन की समस्या के समाधान और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर देने में भी सहायक होगी। मुख्यमंत्री ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की ‘वाइब्रेंट विलेज योजना’ के उद्देश्यों से जोड़ते हुए सीमांत गांवों की मजबूती की दिशा में बड़ा कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैराथन से उत्तराखंड की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए होम-स्टे और पर्यटन से जुड़े स्वरोजगार के अवसर भी खुलेंगे।
रविवार को आयोजित प्रोमो रन में प्रदेशभर से बच्चों, युवाओं और विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह दौड़ पर्यटन विकास परिषद कार्यालय में समाप्त हुई। पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने बताया कि प्रोमो रन की 10 किलोमीटर प्रतियोगिता के शीर्ष तीन प्रतिभागियों को 2 नवंबर को गुंजी में होने वाली आदि कैलाश मैराथन में भाग लेने का मौका मिलेगा। इस मैराथन में देशभर से एथलीट हिस्सा लेंगे और कुल 50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस आयोजन की सफलता के बाद जून 2026 में अगली मैराथन माणा-नीति घाटी में प्रस्तावित है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, आईटीबीपी के आईजी संजय गुंज्याल, अपर सचिव पर्यटन अभिषेक रूहेला, पूजा गर्ब्याल समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और प्रतिभागी मौजूद रहे।



राज्य में साहसिक खेलों एवं शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने, प्रदेश के सभी आयु वर्ग के लोगों को स्वास्थ्य के प्रति प्रेरित करने, बढ़ते हुए नशीली/मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने, युवाओं में नशा मुक्ति अभियान को मजबूती से आगे बढ़ाने के लिए एक अच्छी पहल साबित होगी।