सीबीआई नोटिस पर हरीश रावत का तंज : “लगता है चुनाव नजदीक हैं”

देहरादून, 21 सितंबर। उत्तराखंड की राजनीति के सबसे चर्चित और अनुभवी कांग्रेस नेताओं में गिने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक बार फिर अपने चुटीले अंदाज से सियासी हलचल बढ़ा दी है। लंबे समय बाद जब सीबीआई ने उन्हें नोटिस भेजा, तो रावत ने न तो हैरानी जताई और न ही नाराजगी दिखाई। इसके बजाय उन्होंने तीखा राजनीतिक व्यंग्य किया और कहा – “लगता है कि चुनाव आने वाले हैं।”
हरीश रावत ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि काफी समय बाद सीबीआई के दोस्तों को उनकी याद आई है। उन्होंने संकेत दिया कि हर बार जैसे ही चुनाव नजदीक आते हैं, सीबीआई का नोटिस उनके दरवाजे तक पहुंच जाता है। उनके मुताबिक यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल की जाने वाली रणनीति है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि वे तो अब खुद पीछे हटने और नए चेहरों को आगे लाने की वकालत कर रहे हैं। लेकिन, उनकी राय में “भारत सरकार में बैठे लोग” अभी भी मानते हैं कि वे चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। इसीलिए, चुनाव आते ही उनकी याद ताजा हो जाती है।
अपने परिचित अंदाज में उन्होंने लिखा, “with thanks” मैं इस नोटिस को स्वीकार कर रहा हूं। हालांकि उन्होंने सीबीआई से यह निवेदन किया है कि वे सितंबर तक यात्रा करने की स्थिति में नहीं हैं, इसलिए उन्हें अक्टूबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में बुलाया जाए। रावत ने साफ कहा कि वह खुशी-खुशी दिल्ली पहुंचकर सहयोग करेंगे।
हरीश रावत का यह बयान एक बार फिर उत्तराखंड की राजनीति में सरगर्मी बढ़ा रहा है। जहां एक ओर विपक्ष इसे सरकार द्वारा जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का उदाहरण बता सकता है, वहीं सत्तारूढ़ दल के लिए यह एक अवसर होगा कि वे रावत और उनके कार्यकाल से जुड़े मामलों को फिर से जनता के सामने उठाएं।


