उत्तराखंड वीर सपूतों की जननी, उनके आंगन की मिट्टी पूजनीय

मुख्यमंत्री ने शहीद सम्मान समारोह में किया प्रतिभाग
लैंसडाउन, 05 अक्टूबर 2025। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को लैंसडाउन में आयोजित शहीद सम्मान समारोह में भाग लेकर शहीदों की अमर वीरगाथाओं को नमन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धरती वीर सपूतों की जननी है, जिनके बलिदान के कारण देश सुरक्षित और गौरवान्वित है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान शहीदों के परिजनों को ताम्रपत्र और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया तथा अमर शहीद गब्बर सिंह नेगी की प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों के शहीदों के आंगन की पवित्र मिट्टी से भरे ताम्रकलशों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया और पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि यह मिट्टी उन अमर आत्माओं की निशानी है जिनके बलिदान से देश का मान-सम्मान ऊंचा हुआ है। यह पवित्र मिट्टी देहरादून में बन रहे सैन्य धाम में स्थापित की जाएगी, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। उन्होंने कोटद्वार स्थित सैनिक विश्राम गृह के जीर्णोद्धार और उसे आधुनिक सुविधाओं से युक्त करने, सैनिक कल्याण कार्यालयों में वीर नारियों और पूर्व सैनिकों की नियुक्ति के साथ कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित करने, तथा लैंसडाउन के गढ़वाल राइफल्स संग्रहालय के जीर्णोद्धार हेतु आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही कई विद्यालयों, मार्गों और स्वास्थ्य केंद्रों का नामकरण स्थानीय शहीदों के नाम पर करने की भी घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया है, जबकि परमवीर चक्र विजेताओं को अब 1.5 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिजनों को अब तक 28 नियुक्तियां प्रदान की जा चुकी हैं और 13 मामलों की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन सैन्य धाम केवल एक भवन नहीं, बल्कि उन अमर आत्माओं का प्रतीक है जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उन्होंने लोगों से “एक पेड़ शहीदों के नाम” अभियान को भी अपनाने की अपील की।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि 25 सितंबर से शुरू हुई शहीद सम्मान यात्रा 2.0 का लैंसडाउन में सफल समापन हुआ। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान 71 शहीदों के आंगन की मिट्टी एकत्र की गई है, जिसे सैन्य धाम में स्थापित किया जाएगा।
राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि भी है और सैनिकों का सम्मान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विधायक दिलीप सिंह रावत ने शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी, जबकि कार्यक्रम में शहीद सम्मान यात्रा पर आधारित एक विशेष वीडियो क्लिप भी प्रदर्शित की गई।
सैनिक कल्याण सचिव दीपेंद्र चौधरी ने सभी अतिथियों और शहीद परिवारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन न केवल श्रद्धांजलि का अवसर रहा बल्कि सैन्य धाम के निर्माण हेतु जन-जन की एकजुटता का प्रतीक भी बना।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्षा रचना बुटोला, विधायक राजकुमार पोरी, कर्नल ऑफ द रेजिमेंट ले.ज. डी.एस. राणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


