साइबर क्राइम मामले सुलझाने में उत्तराखंड उत्तर भारत में अव्वल

देहरादून, 7 अक्टूबर 2025 : उत्तराखंड पुलिस ने साइबर अपराध रोकथाम और पीड़ितों के आर्थिक संरक्षण में देश में अग्रणी प्रदर्शन किया है। वर्ष 2021–25 में राज्य पुलिस ने NCRP और I4C प्लेटफॉर्म के माध्यम से पीड़ितों को ₹47.02 करोड़ से अधिक की राशि वापस दिलाई, जो उत्तर भारत में सबसे उच्च प्रदर्शन में शामिल है।
राज्य पुलिस ने राष्ट्रीय और अंतरराज्यीय नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई करते हुए 500 से अधिक आरोपी गिरफ्तार किए और सैकड़ों वेबसाइट, व्हाट्सऐप नंबर, बैंक खाते और सोशल मीडिया विज्ञापन ब्लॉक किए। “ऑपरेशन प्रहार” और “ऑपरेशन हेली” के तहत देशभर में प्रभावी कार्रवाई की गई।
मुख्य कार्रवाई में देहरादून और उधमसिंहनगर साइबर थानों ने फेक ट्रेडिंग ऐप, फिशिंग लिंक, OTP फ्रॉड और UPI ठगी जैसे मामलों में सफलता हासिल की। अंतरराज्यीय अभियानों में बिहार, झारखंड और दिल्ली-एनसीआर नेटवर्क के आरोपी गिरफ्तार किए गए। औसतन 87% आरोपियों को चार्जशीट किया गया, जबकि दोषसिद्धि दर 64.7% रही, जो राष्ट्रीय औसत से दोगुनी है।
अंतरराष्ट्रीय मामलों में दुबई, कंबोडिया और म्यांमार से जुड़े चीनी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया। औरंगाबाद (महाराष्ट्र) में अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर पकड़ा गया और सिम बॉक्स जब्त किए गए। DSCI (2024) ने उत्तराखंड साइबर को देश की शीर्ष 3 इकाइयों में स्थान दिया।
पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ और मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत उत्तराखंड पुलिस साइबर अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए लगातार लोगों के पैसे बचाने और जागरूकता अभियान चलाने में सक्रिय है।
मुख्य आंकड़े:
500+ अपराधी गिरफ्तार
₹47.02 करोड़ पीड़ितों को लौटाए
दोषसिद्धि दर: 64.7%
150+ वेबसाइट, व्हाट्सऐप नंबर और बैंक खाते ब्लॉक
DSCI द्वारा शीर्ष 3 साइबर इकाई का दर्जा


