सेटेलाइट मैपिंग पर आधारित है दून के मास्टर प्लान 2041

देहरादून, 28 अक्टूबर 2025 : राजधानी देहरादून के नियोजित और संतुलित विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की 112वीं बोर्ड बैठक सोमवार को गढ़वाल आयुक्त एवं एमडीडीए अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक का मुख्य केंद्र रहा देहरादून महायोजना 2041, जिसे सेटेलाइट मैपिंग और जीआईएस तकनीक के आधार पर तैयार किया गया है। यह योजना देहरादून को एक स्मार्ट, हरित और सस्टेनेबल सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
बैठक में महायोजना से संबंधित प्राप्त आपत्तियों और सुझावों की शीघ्र सुनवाई कराने का निर्णय लिया गया। अध्यक्ष ने कहा कि योजना को लागू करने से पहले सभी अभ्यावेदनों की निष्पक्ष और पारदर्शी समीक्षा की जाएगी ताकि विकास पूरी तरह वैज्ञानिक और जनहित आधारित हो।
बैठक में विकास से जुड़े 41 प्रस्तावों पर चर्चा की गई, जिनमें इको-रिज़ॉर्ट, होटल, व्यावसायिक और आवासीय निर्माणों से जुड़े प्रस्ताव शामिल थे। इनमें से कई प्रस्तावों को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई।
महायोजना 2041 की विशेषता यह है कि इसमें भौगोलिक, पर्यावरणीय और जनसंख्या घनत्व जैसे पहलुओं को ध्यान में रखते हुए भूमि उपयोग का वैज्ञानिक निर्धारण किया गया है। योजना में यातायात प्रबंधन, हरित क्षेत्र विस्तार, जल संरक्षण, आवासीय ज़ोनिंग और स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर को विशेष महत्व दिया गया है।
बैठक में धौलास आवासीय परियोजना के शेष कार्यों को पूरा करने हेतु ₹50 करोड़ के ऋण की स्वीकृति दी गई। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि परियोजना आधुनिक आवासीय सुविधाओं का नया आयाम स्थापित करेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार अवसर भी बढ़ाएगी।
अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय ने कहा कि एमडीडीए का उद्देश्य देहरादून को एक योजनाबद्ध, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित शहर के रूप में विकसित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि बोर्ड के निर्णय राजधानी के संतुलित विकास को गति देंगे और दून को एक सस्टेनेबल अर्बन मॉडल के रूप में स्थापित करेंगे।


