आलाकमान ने प्रदेश प्रभारी को पीसीसी की ओवरहॉलिंग के लिए भेजा उत्तराखंड

उत्तराखंड में युवाओं को कमान सौंपने की तैयारी में पार्टी
देहरादून: 28 अगस्त। उत्तराखंड में प्रदेश कांग्रेस को उसके हाल पर छोड़ने के बाद आखिरकार पार्टी हाई कमान ने सुध ली। राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से मनोनीत उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा लगभग डेढ़ साल बाद उत्तराखंड के दौरे पर हैं। पिछले एक पखवाड़े से अचानक भाजपा सरकार पर आक्रामक हुई प्रदेश कांग्रेस के लिए प्रदेश प्रभारी का यह दौरा संजीवनी से कम नहीं है। माना जा रहा है कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने कुमारी शलजा को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड पीसीसी में बदलाव की समीक्षा के लिए भेजा है।
उत्तराखंड में लगभग ढाई साल पहले 2022 में भाजपा के हाथों विधानसभा चुनाव में बुरी तरह परास्त हुई। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस खाली हाथ रही और उसे पांच में से एक भी सीट नहीं मिल पाई। जीत की बात करें तो 2012 के विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जश्न मनाने का मौका ही नहीं मिला। 2014, 2017, 2022, 2024 के चुनावों में कांग्रेस मोदी की आंधी के आगे टिक नहीं पाई। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की 57 सीटों के मुकाबले कांग्रेस मात्र 11 सीट पर ही सिमट गई। वही 2022 में कांग्रेस की सीट बढ़कर 19 तो हुई लेकिन भाजपा ने 47 सीट जीतकर एक बार फिर सरकार बना ली। उत्तराखंड में कांग्रेस की इस पराजय की कड़ी को आपसी गुटबाजी और प्रदेश के शीर्ष नेताओं की महत्वाकांक्षा से जोड़कर देखा जाता है।
उत्तराखंड कांग्रेस के नेताओं की इस आपसी अनबन की पार्टी हाईकमान को सिर्फ भनक ही नहीं बल्कि पूरा अंदाजा है। शायद यही कारण था कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने पीसीसी को उसके हाल पर छोड़ दिया था। अब डेढ़ साल बाद प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा के उत्तराखंड दौरे को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि आलाकमान विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश के किसी बड़े क्षत्रप को प्रदेश में पार्टी की कमान सौंप सकता है। पिछले लगभग एक माह से जिस प्रकार प्रदेश में कांग्रेस एक्टिव मोड में आई है और उसके नेता प्रदेश सरकार पर आक्रामक हुए हैं इससे भी यही संकेत मिल रहे हैं। उत्तराखंड में कांग्रेस के फायर ब्रांड नेता हरक सिंह रावत तो एक हाथ आगे बढ़कर भाजपा पर हमलावर हैं। आए दिन मीडिया में आ रहे उनके बयानों से एक और जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश दिख रहा है वहीं दूसरी और भाजपा भी हरक सिंह रावत पर पलटवार कर रही है।
2024 के लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार देहरादून दौरे पर पहुंची कुमारी शैलजा ने प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं सहित विधायकों और पदाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे व राहुल गांधी के निर्देशों के अनुसार पार्टी प्रदेश में जिला स्तर पर युवाओं को नेतृत्व देने जा रही है। आईसीसी व पीसीसी के पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के बाद सितंबर माह में प्रदेश और जिला स्तर पर संघटनात्मक बदलाव किए जाएंगे।


