आज शाम छह बजे बजेंगे ‘इमरजेंसी’ सायरन

मुख्यमंत्री राजधानी को देंगे कई सौगात, अलग स्वरूप में दिखेगा घंटाघर

देहरादून, 06सितंबर। उत्तराखंड की राजधानी को आज शाम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से कई नई सौगातें मिलने जा रही हैं। शहर में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने वाले अत्याधुनिक इमरजेंसी सायरन, ऐतिहासिक घंटाघर का नया स्वरूप और आधुनिक ‘हिलांस’ कैंटीन जैसी परियोजनाओं का लोकार्पण मुख्यमंत्री करेंगे। इसके साथ ही बच्चों को भीख से निकालकर शिक्षा की ओर ले जाने वाली पहल का शुभारंभ भी प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री धामी शाम छह बजे डालनवाला थाने से रिमोट कंट्रोल के जरिए 13 लॉन्ग रेंज इमरजेंसी सायरनों का उद्घाटन करेंगे। ये सायरन 8 से 16 किलोमीटर तक की दूरी तक सुनाई देंगे और आपदा की स्थिति में तुरंत लोगों को चेतावनी देने का काम करेंगे। परियोजना के पहले चरण में ऋषिकेश, प्रेमनगर, क्लेमेंटाउन और रायपुर थानों में 16 किलोमीटर रेंज वाले सायरन लगाए गए हैं, जबकि डालनवाला, पल्टन बाजार, राजपुर, पटेल नगर, नेहरू कॉलोनी, कैंट, वसंत विहार, बिन्दाल चौकी और पुलिस लाइन रेसकोर्स में 8 किलोमीटर रेंज वाले नौ सायरन लगाए गए हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया है कि दूसरे चरण में विकासनगर, डोईवाला और चकराता जैसे क्षेत्रों में भी ये व्यवस्था लागू की जाएगी।
इसी कड़ी में शाम साढ़े छह बजे मुख्यमंत्री घंटाघर पहुंचेंगे, जहां स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत हुए सौंदर्यीकरण कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा। देहरादून का यह ऐतिहासिक घंटाघर अब अपने पारंपरिक स्वरूप को बरकरार रखते हुए और भी आकर्षक रूप में नजर आएगा। इसके चारों ओर बगीचे, रंगीन फव्वारे और हाई-बीम लाइटिंग की व्यवस्था की गई है, जो इसे पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए और भी खास बना देगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ‘हिलांस’ कैंटीनों की भी शुरुआत करेंगे। जिला प्रशासन द्वारा स्वयं सहायता समूहों की मदद से संचालित ये कैंटीन क्लेक्ट्रेट, कोरोनेशन अस्पताल, गुच्चुपानी और आईएसबीटी में खोली गई हैं। इनमें स्थानीय हस्तशिल्प, पहाड़ी उत्पादों और मोटे अनाज से बने व्यंजन उपलब्ध रहेंगे। इसका उद्देश्य नागरिकों को सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
शहर के विकास से जुड़ी इन योजनाओं के साथ मुख्यमंत्री धामी आज सामाजिक दृष्टिकोण से भी एक नई पहल शुरू करेंगे। ‘भिक्षा से शिक्षा’ नामक इस कार्यक्रम का मकसद सड़कों पर भीख मांग रहे बच्चों को शिक्षा से जोड़ना है, ताकि वे मुख्यधारा में आकर बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकें।
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने पहले ही सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने निरीक्षण कर व्यवस्था को पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं। आज शाम देहरादून शहर विकास, धरोहर और सामाजिक बदलाव की एक नई तस्वीर देखने वाला है।


