आपदा के लिए सरकारें भी जिम्मेदार, सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग

देहरादून, 21 सितंबर। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश, भूस्खलन और आपदा को लेकर आम आदमी पार्टी ने बड़ा आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं के पीछे केवल मौसम की मार नहीं, बल्कि सरकार और कॉरपोरेट घरानों की लालची नीतियां भी जिम्मेदार हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर पहाड़ों का दोहन भी कहीं ना कहीं इन आपदाओं के लिए जिम्मेदार है।
आम आदमी पार्टी की ओर से सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि वह राज्य में आपदा की वास्तविक जांच कराए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से 72 घंटों के भीतर जवाब तलब करे। आंदोलनकारियों ने कहा कि गंगा और हिमालय पर बनने वाले सभी डैम तुरंत बंद किए जाएं और सुप्रीम कोर्ट एक स्वतंत्र उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करे। इसके साथ ही 15 दिन के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।
आम आदमी पार्टी उत्तराखंड के युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सचिन थपलियाल ने चेतावनी दी है कि यदि 72 घंटों में मांगों पर संज्ञान नहीं लिया गया तो प्रदेशव्यापी और उसके बाद राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। परेड ग्राउंड, देहरादून में आंदोलन के लिए लोगों से जुड़ने की अपील की गई है।
सचिन ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड के पहाड़ सरकार और निजी कंपनियों के गठजोड़ के कारण लगातार धसक रहे हैं और टूट रहे हैं। उनका कहना है कि यह सिर्फ प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि “लालच और भ्रष्टाचार की देन” है। उन्होंने जनता से सोशल मीडिया अभियान और पोस्टर कैंपेन के माध्यम से आवाज़ उठाने का आह्वान भी किया है।


