अलविदा विरासत: समापन पर भावुक हुईं आंखें, गीतों-नृत्य से सजी शाही शाम
देहरादून, 18 अक्तूबर। देहरादून के डॉ. अंबेडकर स्टेडियम में आयोजित 15 दिवसीय विरासत महोत्सव का शनिवार को भव्य समापन हुआ। तीन दशकों से अपनी सांस्कृतिक छटा बिखेरते आ रहे इस महोत्सव के समापन अवसर पर जहां कई दर्शकों की आंखें नम हुईं, वहीं हजारों मेहमानों ने संगीत और नृत्य की शाही शाम का आनंद लिया।
रीच संस्था द्वारा आयोजित इस विरासत महोत्सव ने एक बार फिर भारतीय शास्त्रीय संगीत और कला की अमूल्य धरोहरों को सहेजने का कार्य किया। इस वर्ष के अंतिम दिन मंच पर प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना नयनिका घोष और गायक, अभिनेता व सांसद मनोज तिवारी ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
नयनिका घोष ने अपने कथक रागों की प्रस्तुति से शाम को भावनाओं और लय की सुगंध से भर दिया। कोलकाता और गुड़गांव स्थित निनाद फाउंडेशन की संस्थापक-निदेशक नयनिका घोष भारतीय शास्त्रीय नृत्य की अग्रणी हस्तियों में शामिल हैं। महान पंडित बिरजू महाराज की शिष्या नयनिका ने पारंपरिक और समकालीन शैलियों के मिश्रण से मंच को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इसके बाद मशहूर गायक और सांसद मनोज तिवारी ने अपने लोकप्रिय गीतों से समापन समारोह को चरम पर पहुंचाया। दर्शक देर रात तक उनके सुरों पर थिरकते रहे। मनोरंजन और राजनीति, दोनों क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले तिवारी ने भोजपुरी संगीत से लेकर भारतीय सिनेमा और लोकसभा तक की यात्रा को अपनी प्रस्तुति के माध्यम से जीवंत कर दिया।
धनतेरस की संध्या पर आयोजित इस समापन दिवस पर ओएनजीसी स्टेडियम में दीपावली की रौनक भी देखने को मिली। विरासत की सजावटी दुकानों और पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पादों की खरीदारी से माहौल गुलजार रहा।
तीन दशकों का यह “विरासत का शाही सफर” संस्कृति, कला और संगीत की उस परंपरा को सहेजता है जो देहरादून को भारत की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में पहचान दिला रहा है।
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