बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा स्थगित, हेमकुंड साहिब की यात्रा भी रोकी गई

धराली आपदा और स्यानाचट्टी पर झील बनने से गंगोत्री व यमुनोत्री यात्रा पहले से बाधित
रुद्रप्रयाग, 1 सितंबर। उत्तराखंड में हो रही लगातार बारिश और भूस्खलन ने चारधाम यात्रा पर गंभीर असर डाला है। धरौली आपदा के बाद से ही गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित होने के कारण गंगोत्री धाम की यात्रा लोग नहीं कर पा रहे थे। यमुनोत्री मार्ग भी सियानाचट्टी के पास झील बन जाने व भू धंसाव पिछले कुछ दिनों से बंद था। अब प्रशासन ने भारी बारिश हो रही घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा के कारण बद्रीनाथ केदारनाथ सहित हेमकुंड साहिब की यात्रा पर भी रोक लगा दी है। केदारनाथ यात्रा अगले तीन दिनों तक स्थगित रहेगी तो वही यात्री बद्रीनाथ व हेमकुंड साहिब 5 दिनों तक नहीं जा पाएंगे।
प्रशासन ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केदारनाथ और बदरीनाथ धाम की यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। रुद्रप्रयाग जिले के जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने जानकारी दी कि केदारनाथ यात्रा को तीन सितंबर तक स्थगित किया गया है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिसके चलते प्रशासन ने सभी विभागों को अलर्ट पर रहने और आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण केदारनाथ हाईवे कई स्थानों पर मलबा आने से बाधित हो गया है। बांसवाड़ा के पास भूस्खलन क्षेत्र में सड़क बार-बार बंद और खुल रही है, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित है। यहां कई वाहन फंसे हुए हैं। इसके अलावा काकड़गाड़ और डोलिया देवी के पास भी भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने हाईवे पर वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया है। यात्रियों को रुद्रप्रयाग में ही रोकने के आदेश दिए गए हैं। वहीं, चमोली जिला प्रशासन ने बदरीनाथ यात्रा को पांच सितंबर तक रोक दिया गया है। इसी के साथ चमोली पुलिस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर बताया कि मौसम के बिगड़ते हालात को देखते हुए हेमकुंड साहिब यात्रा भी अगली सूचना तक स्थगित रहेगी।
गंगोत्री यात्रा पांच अगस्त से ही धराली आपदा के बाद से मार्ग अवरुद्ध होने के कारण बंद है। यमुनोत्री मार्ग भी पिछले सप्ताह से स्यानाचट्टी में बार–बार झील बन जाने और भू धंसाव के कारण बाधित है। कुल मिलकर अगले कुछ दिनों के लिए उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर श्रद्धालु नहीं आवपेंगे।


