बेहतर समन्वय से कानून व्यवस्था को मजबूत करेंगे उत्तरी राज्य

बेहतर समन्वय से कानून व्यवस्था को मजबूत करेंगे उत्तरी राज्य

उत्तराखण्ड पुलिस की मेजबानी में हुई NRPCC की 12वीं बैठक

देहरादून, 10 अक्टूबर 2025। उत्तराखण्ड पुलिस मुख्यालय में गुरुवार को पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ की अध्यक्षता में Northern Region Police Coordination Committee (NRPCC) की 12वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दिल्ली और चंडीगढ़ के पुलिस प्रमुखों व वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस बैठक का उद्देश्य उत्तरी राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और साइबर अपराध जैसे विषयों पर साझा रणनीति तैयार करना रहा।

डीजीपी दीपम सेठ ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री के सहयोगी और एकजुट भारत के विजन के अनुरूप गठित इस समिति का मकसद क्षेत्रीय पुलिस बलों के बीच सामंजस्य बढ़ाना और नई चुनौतियों से सामूहिक रूप से निपटना है। उन्होंने कहा कि उत्तरी राज्यों के बीच साझा समझ और त्वरित सूचना आदान-प्रदान से न केवल अपराध पर नियंत्रण होगा, बल्कि सुरक्षा ढाँचा भी मजबूत बनेगा।

बैठक में ड्रग्स, साइबर अपराध, सोशल मीडिया पर फैल रहे दुष्प्रचार, आपदा प्रबंधन, रेलवे सुरक्षा और पर्यटन पुलिस की भूमिका जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। डीजीपी सेठ ने कहा कि आपसी समन्वय और तकनीकी सहयोग के माध्यम से ही उत्तरी भारत में कानून-व्यवस्था को और सशक्त बनाया जा सकता है।

बैठक में विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने-अपने अनुभव और नवीन रणनीतियाँ साझा कीं। हरियाणा के डीजीपी श्री शत्रुजीत कपूर ने साइबर अपराध के नए रुझानों पर, उत्तर प्रदेश के महानिदेशक (रेलवे) श्री प्रकाश डी ने रेलवे सुरक्षा के मुद्दों पर, जबकि दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त श्री देवेश श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया पर फैलने वाली गलत सूचनाओं से निपटने की रणनीति पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

लद्दाख के डीजीपी श्री एस.डी. सिंह जम्वाल ने पर्यटन पुलिस की भूमिका पर, चंडीगढ़ के डीजीपी श्री सागर प्रीत ने नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर, और पंजाब के एडीजीपी श्री नीलाभ किशोर ने नशे की समस्या से निपटने की नई योजनाओं पर अपने विचार रखे।

उत्तराखण्ड पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा) श्री मंजूनाथ टी.सी. ने “भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन” पर प्रस्तुतिकरण देते हुए बताया कि सीमा क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियाँ विशेष सुरक्षा चुनौतियाँ प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने मानव और मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध व्यापार, और सीमा पार अपराधों से निपटने के लिए तकनीकी निगरानी बढ़ाने और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को बढ़ावा देने की रणनीति साझा की।

बैठक में आपदा प्रबंधन की दृष्टि से पुलिस बलों की तैयारियों को और बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया, विशेष रूप से उत्तराखण्ड और हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्यों में हाल के समय में हुई प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए।

बैठक के समापन पर अपर पुलिस महानिदेशक (अभिसूचना एवं सुरक्षा) श्री ए.पी. अंशुमान ने सभी राज्यों के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के समन्वय मंच न केवल अंतरराज्यीय पुलिस सहयोग को सशक्त करते हैं, बल्कि राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा प्रणाली को भी नई मजबूती प्रदान करते हैं।

इस अवसर पर एडीजी वी. गुरूगेशन, आईजी स्तर के अधिकारी और राज्य पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान यह साझा संकल्प लिया गया कि उत्तरी क्षेत्र के सभी राज्य परस्पर सहयोग, तकनीकी साझेदारी और प्रशिक्षण के माध्यम से आने वाले समय में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करेंगे।

uncut24x7.com

By Raju Pushola

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