उत्तराखंड में बर्ड फ्लू की दस्तक, महकमे अलर्ट मोड पर
उधम सिंह नगर, 24 अगस्त। सितारगंज तहसील क्षेत्र के शक्तिगढ़ में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए रविवार को जिला प्रशासन, पशुपालन विभाग और नगर निकाय की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए मुर्गी फॉर्म की 1708 मुर्गियों को मारकर गहराई में दफन कर दिया। इसके साथ ही मुर्गी फ़ॉर्म को चरणबद्ध तरीके से सैनिटाइज किया गया। यह पूरी कार्रवाई भारत सरकार के पशुपालन मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत की गई।
शक्तिगढ़ स्थित एक पोल्ट्री फ़ार्म में 21 अगस्त को अचानक बड़ी संख्या में मुर्गियों की मौत हुई थी। घटना की सूचना प्रशासन तक पहुँचने के बाद पशुपालन विभाग की टीम ने मृत मुर्गियों के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (एनआईएचएसएडी), भोपाल भेजा। 23 अगस्त को प्राप्त रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल एक्शन लेते हुए प्रभावित क्षेत्र में संक्रमण नियंत्रण की प्रक्रिया शुरू कर दी।
रिपोर्ट आने के बाद जिलाधिकारी ने अधिनियम की धारा-20 के तहत आदेश जारी कर संबंधित मुर्गी फ़ार्म को केंद्र बिंदु मानते हुए एक किलोमीटर के दायरे को “संक्रमित क्षेत्र” और दस किलोमीटर की परिधि को “सतर्कता क्षेत्र” घोषित किया। अब अगले तीन महीनों तक इस पूरे क्षेत्र में राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पोस्ट-ऑपरेटिव सर्विलांस प्लान लागू रहेगा। इस दौरान लगातार सैंपलिंग और टेस्टिंग की जाएगी और तभी यह इलाका बर्ड फ्लू मुक्त घोषित किया जाएगा।
रविवार को राजस्व विभाग, पशुपालन विभाग, नगर निकाय शक्तिगढ़ और पुलिस टीम की मौजूदगी में सभी 1708 मुर्गियों का वध कर उन्हें गहरे गड्ढे में दफन किया गया। इसके बाद पूरे मुर्गी फ़ॉर्म को सैनिटाइज कर संक्रमण नियंत्रण की कार्यवाही पूरी की गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आने वाले दिनों में स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीमें प्रभावित और आसपास के क्षेत्रों में नियमित स्क्रीनिंग ड्राइव संचालित करें। साथ ही स्थानीय मुर्गी पालकों को सतर्क रहने और किसी भी तरह की असामान्य स्थिति की तुरंत सूचना प्रशासन को देने के लिए कहा गया है।


