आत्महत्या मामले में कांग्रेस हुई हमलावर, नेताओं में छिड़ सकती है जुबानी जंग
जिला पंचायत चुनाव को लेकर विधानसभा से लेकर सड़कों तक भारतीय जनता पार्टी को घेरने वाली कांग्रेस अब जितेंद्र सिंह आत्महत्या मामले में भाजपा पर हमलावर हो गई है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री का नाम इस मामले में उछलने के बाद हालांकि भाजपा ने उसे पद से हटकर किनारा कर लिया लेकिन आने वाले दिनों में कांग्रेस इस मसले पर भाजपा से सवाल–जवाब जरूर करेगी।
उत्तराखंड के पौड़ी जिले के तालसरी गांव में गुरुवार को जितेंद्र सिंह पुत्र सतीश चंद्र ने अपनी ही कार में खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले जितेंद्र द्वारा बनाया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राजनीति से लेकर सत्ता के गलियारों में हड़कंप मच गया। इस वीडियो में जितेंद्र ने भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री हिमांशु चमोली पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे अपनी मौत का जिम्मेदार बताया। आत्महत्या करने वाले शख्स ने हिमांशु पर 35 लाख रूपए हड़पने का आरोप लगाया। मामले को तूल पकड़ता देख भारतीय जनता पार्टी ने हिमांशु चमोली को भाजयुमो प्रदेश मंत्री के पद से हटाते हुए उससे किनारा कर लिया। पुलिस ने भी आरोपी नेता को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन, सोशल मीडिया पर हिमांशु चमोली के साथ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश व राष्ट्रीय नेताओं के साथ तस्वीरें वायरल होते ही कांग्रेस आक्रामक हो गई और भारतीय जनता पार्टी पर आरोपों की बौछार कर दी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण महारा ने आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायत चुनाव में सरकार के संरक्षण में खुले आम गोलियां चलाकर गुंडागर्दी की गई और अब भारतीय जनता युवा मोर्चा के एक पदाधिकारी की वजह से एक व्यक्ति को आत्महत्या करनी पड़ी। इस घटना से भाजपा के नेताओं के सर पर सत्ता की हनक की झलक साफ दिखती है।
प्रदेश में हाल ही में हुए जिला पंचायत चुनावों में नैनीताल जिले में हुई घटना को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर जमकर हल्ला बोला। विपक्षी दल ने गैरसैण विधानसभा में मानसून सत्र के दौरान हंगामा कर उसे बाधित किया और सत्र दो दिन में ही स्थगित करना पड़ा। अब कांग्रेस जितेंद्र सिंह आत्महत्या मामले में मुखर हो गई है और हिमांशु चमोली पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रही है। इससे पहले भी अंकित भंडारी मामले में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के पुत्र का नाम सामने आने के बाद कांग्रेस भाजपा को हर मोर्चे पर घेरती आई है। इस ताजा घटना से कांग्रेस को एक और जहां भाजपा पर हमलावर होने का मौका मिल गया है वहीं भाजपा भी पुरजोर तरीके से कांग्रेस को जवाब दे रही है। इससे लगता है की आने वाले दिनों में प्रदेश के दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच जुबानी जंग और तेज होगी।


