दीपावली से पहले धामी सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 44 अफसरों के तबादले

देहरादून। दीपावली से ठीक नौ दिन पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की नौकरशाही में बड़ा फेरबदल कर दिया। शुक्रवार देर शाम 22 आईएएस, 1 भारतीय वन सेवा (आईएफएस) और 17 पीसीएस समेत कुल 44 अफसरों के तबादले कर दिए गए। इन तबादलों से एक बार फिर सीएम दरबार में अपनी कार्यशैली से विशेष पैठ बनाने वाले अधिकारियों को तवज्जो मिली है।

नैनीताल के जिलाधिकारी पद पर ललित मोहन रयाल को तैनाती दी गई है। वहीं अंशुल सिंह को अल्मोड़ा, आकांक्षा कोंडे को बागेश्वर, गौरव कुमार को चमोली और आशीष भटगाईं को पिथौरागढ़ का जिलाधिकारी बनाया गया। इन चारों में से आशीष को छोड़कर बाकी तीनों पहली बार जिलाधिकारी का दायित्व संभालेंगे।

मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले कुछ वरिष्ठ अफसरों को भी अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिली हैं। विशेष प्रमुख सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, सचिव धीराज गर्ब्याल और सोनिका को अहम दायित्व देकर सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वे मुख्यमंत्री दरबार के भरोसेमंद अफसरों में गिने जाते हैं। धीराज गर्ब्याल को ग्राम्य विकास और ग्रामीण निर्माण विभाग का कार्यभार सौंपा गया है, जबकि सोनिका को हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष बनाकर उनका कद और बढ़ाया गया है।

सचिव दिलीप जावलकर से ग्राम्य विकास, ग्रामीण निर्माण, सीपीडी, यूजीवीएस और रीप जैसे विभाग वापस ले लिए गए। बीवीआरसी पुरुषोत्तम से मत्स्य पालन निदेशक और चंद्रेश कुमार यादव से पंचायतीराज की जिम्मेदारी छीन ली गई। रवनीत चीमा से श्रम व आयुक्त दिव्यांगजन का कार्यभार हटाकर पुनर्गठन विभाग सौंपा गया। रणवीर सिंह चौहान से कृषि और उद्यान महानिदेशक का पद लिया गया, लेकिन उन्हें खाद्य आयुक्त की जिम्मेदारी दे दी गई।
आईएएस स्तर के अन्य अफसरों में डॉ. संदीप तिवारी को जिलाधिकारी चमोली से हटाकर समाज कल्याण विभाग का निदेशक बनाया गया है। पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी रहे विनोद गिरि गोस्वामी को शहरी विकास विभाग का सचिव और निदेशक नियुक्त किया गया। अल्मोड़ा के जिलाधिकारी रहे आलोक पांडे को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अपर सचिव सूचना प्रौद्योगिकी तथा आईटीडीए का प्रमुख बनाया गया है।
वंदना सिंह, जो नैनीताल की जिलाधिकारी थीं, अब कृषि और उद्यान महानिदेशक के साथ-साथ योजना विभाग की अतिरिक्त सचिव होंगी।
कुल मिलाकर धामी सरकार के इस व्यापक फेरबदल ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि अधिकारियों की तैनाती में धामी सरकार विशेष कार्यशैली को अहमियत देती है, और रिपोर्ट कार्ड के आधार पर उनके पर भी कतरे जाते हैं।
Crime से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें
Technology से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें
Health से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें
Politics से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें


