देहरादून आपदा: जिले में 13 की जान गई, 3 घायल, 16 अभी भी लापता

सरकारी और निजी संपत्ति को भारी नुकसान, सीएम–डीएम पहुंचे आपदाग्रस्त इलाकों में

देहरादून, 16 सितंबर। राजधानी में सोमवार रात हुई भारी बारिश से जनपद के कई इलाकों में जनहानि और भारी तबाही हुई। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक 13 लोगों की मौत, तीन लोग घायल और 16 लोग लापता बताए गए हैं। वहीं, सरकारी और निजी संपत्तियों को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। सबसे अधिक नुकसान की खबर सहस्त्रधारा क्षेत्र से आई। यहां सड़कें–पुल को नुकसान और कई होटल व दुकानें जमींदोज हो गई। जिलाधिकारी सविन बंसल ने मालदेवता, सहस्रधारा, मजयाडा और कार्लीगाड जैसे आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। उनके साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह और सीडीओ अभिनव शाह भी मौजूद रहे।

डीएम बंसल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने लोनिवि और पीएमजीएसवाई को पर्याप्त मैनपावर और मशीनरी लगाकर अवरुद्ध सड़कें और संपर्क मार्ग शीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए। प्रभावित इलाकों में राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां लोगों को राशन और भोजन पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कार्लीगाड में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाकर 70 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। मजयाडा में तीन लोगों के मलबे में दबे होने और एक व्यक्ति के लापता होने की जानकारी भी सामने आई है। यहां कई आवासीय भवनों, दुकानों, होटलों और सरकारी परिसंपत्तियों को नुकसान हुआ है। सहस्रधारा-कार्लीगाड मोटर मार्ग भी नौ से अधिक स्थानों पर भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गया है।
प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को आश्वस्त किया है कि यदि वे सुरक्षित स्थानों पर किराए के मकान में शिफ्ट होना चाहें तो उन्हें तीन महीने तक प्रति परिवार 4-4 हजार रुपये किराया दिया जाएगा। डीएम ने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में जिला प्रशासन हर कदम पर प्रभावित लोगों के साथ खड़ा है और सहायता पहुंचाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
जिला आपदा परिचालन केंद्र के मुताबिक, देहरादून जिले के विभिन्न विकासखंडों में अब तक 13 पुल, 10 पुलिया, 2 मकान, 31 दीवारें, 12 खेत, 12 नहरें, 21 सड़कें, 7 पेयजल योजनाएं और कई अन्य परिसंपत्तियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। प्रशासन का प्रयास है कि बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं को जल्द से जल्द बहाल किया जाए।


