देहरादून आपदा: जिंदगी पटरी पर लौटाने के जारी हैं प्रयास

युद्धस्तर पर जुटा है प्रशाशन, अब तक 20 शव बरामद, 13 अभी भी लापता

देहरादून, 19 सितंबर। राजधानी में भारी बारिश के बाद 16 सितंबर को आई भीषण आपदा मैं अब तक 20 लोगों के शव खोजे जा चुके हैं। इस अतिवृष्टि के बाद 13 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जबकि तीन घायलों का इलाज चल रहा है। इस दौरान जिले की 62 सड़कें और 8 पुल क्षतिग्रस्त हैं। जिनमें से मसूरी–देहरादून व मालदेवता–रायपुर मार्ग को छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। आपदा के तीन दिन बाद भी जिला प्रशासन युद्ध स्तर पर दिन-रात राहत कार्यों में जुटा है। बांदल घाटी के जिन गांवों तक सड़क मार्ग से नहीं पहुंचा जा सकता वहां पहले के माध्यम से 300 किट राशन पहुंचाई गई है वहां से एयर एम्बुलेंस के माध्यम से एक युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जिला प्रशासन की टीम आपदाग्रस्त क्षेत्रों में तत्परता से राहत पहुंचाने में जुटी है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों से भोजन, पानी, आवास और राशन की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा छमरौली गांव में 60 परिवारों के करीब 300 लोगों को हेलीकॉप्टर से फूड पैकेट पहुंचाए गए। वहीं फूलेत गांव से गंभीर रूप से बीमार एक व्यक्ति को एयर एंबुलेंस की मदद से उनके परिजनों के निर्णय पर मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां बीमार व्यक्ति का उपचार चल रहा है। दैवीय आपदा से प्रभावित कार्लीगाड, मजयाडा और सेरा गांव में भी जिला प्रशासन द्वारा गुरुवार को गैस सिलेंडरों की आपूर्ति के साथ सितंबर और अक्टूबर दो महीने का राशन एक साथ वितरित किया गया। जिलाधिकारी सविन बंसल आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्याे की निरंतर मॉनिटरिंग कर रहे है।
जिला प्रशासन के प्रयासों से रायपुर मालदेवता मार्ग पर आवागमन शुरू कर दिया गया। मसूरी देहरादून मार्ग भी दो दिन मैं वाले ब्रिज बनकर छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। एसडीएम सदर हरिगिरी की देखरेख में मजाड गांव में मलबे में दबे शवों को डॉग स्क्वायड की मदद से खोजा जा रहा है। मजाड़ा में मलबे में तीन लोग दबे होने की आशंका जताई जा रही है। जिन क्षेत्रों में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हुई हैं वहां टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
जिलाधिकारी सविन बंसल का कहना है कि प्रशासन का रेस्क्यू रिलिफ कार्य युद्धस्तर पर जारी है। सभी प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारी कर्मचारी मोर्चा संभाले हैं।


