चर्चित गुप्ता बंधुओं के ठिकानों पर छापेमारी कर लौटी ईडी की टीम

देहरादून। दक्षिण अफ्रीका में करोड़ों के भ्रष्टाचार और मनी लांड्रिंग के आरोपों में घिरे गुप्ता बंधुओं के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की बड़ी कार्रवाई आखिरकार बुधवार सुबह करीब 24 घंटे बाद पूरी हो गई। देहरादून के कर्जन रोड स्थित आलीशान आवास से लेकर सहारनपुर, दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और देश के कई अन्य शहरों में ईडी की टीमें लगातार छापेमारी करती रहीं। यही नहीं, गुप्ता बंधुओं के अंतरराष्ट्रीय ठिकानों—चीन और दुबई—में भी समानांतर जांच एजेंसियों की टीमें सक्रिय रहीं।
मंगलवार सुबह शुरू हुई यह कार्रवाई म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस रिक्वेस्ट (एमएलएआर) के तहत दक्षिण अफ्रीकी सरकार के आग्रह पर की गई थी। दरअसल, वर्ष 2018 में भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति जैकब जुमा की सरकार ध्वस्त हो गई थी और इसी के बाद गुप्ता बंधु किसी तरह दक्षिण अफ्रीका से फरार होकर भारत पहुंच गए थे। दक्षिण अफ्रीकी एजेंसियों ने भारत को ठोस साक्ष्य मुहैया कराए हैं, जिसके आधार पर ईडी ने यह कदम उठाया।
देहरादून के कर्जन रोड स्थित घर पर ईडी को गुप्ता परिवार का केवल एक सदस्य ही मिला। अधिकारी उससे देर रात तक लगातार पूछताछ करते रहे। पूछताछ का बड़ा हिस्सा दक्षिण अफ्रीकी सरकार द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों पर आधारित रहा। हालांकि ईडी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि पूछताछ में कौन-सा भाई मौजूद था। सूत्रों के अनुसार एक भाई अस्पताल में भर्ती है, जबकि तीसरा भाई शहर से बाहर होने के कारण अधिकारियों के संपर्क में नहीं आ पाया।
छापेमारी के दौरान ईडी अफसरों ने आवास और अन्य ठिकानों से तमाम अहम दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। इन दस्तावेजों में कई वित्तीय लेन-देन से जुड़े कागजात और विदेशी कंपनियों की जानकारियां शामिल बताई जा रही हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिसके चलते यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ईडी के हाथ वास्तव में क्या-क्या लगा।
सूत्रों का यह भी कहना है कि गुप्ता बंधुओं के खिलाफ जांच का दायरा सिर्फ भारत और दक्षिण अफ्रीका तक सीमित नहीं है। चीन और दक्षिण अफ्रीका में खरीदे गए ट्रेन इंजनों में भी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किए जाने के सबूत सामने आए हैं। इन सौदों में गुप्ता परिवार के साथ वर्ल्ड विंडो ग्रुप के संचालक पीयूष गोयल का नाम भी जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। आरोप है कि गुप्ता बंधुओं ने गोयल के साथ मिलकर दुबई की ‘जेजे ट्रेडिंग एफजेडई’ नामक एक शेल कंपनी के जरिए करोड़ों रुपये का मनी लांड्रिंग रैकेट खड़ा किया। इस कंपनी के तार अहमदाबाद के राम रतन जगाती से जुड़े बताए जा रहे हैं। खबर है कि ईडी की टीम ने अहमदाबाद से जगाती को हिरासत में भी ले लिया है।
फिलहाल, ईडी मुख्यालय की ओर से अभी तक किसी भी तरह की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। लिहाजा यह साफ नहीं हो पाया है कि छापेमारी के दौरान क्या सीजर हुआ, किस पर केस दर्ज हुआ और आगे की रणनीति क्या होगी। लेकिन इतना तय है कि दक्षिण अफ्रीका में भ्रष्टाचार कर भारत में शरण लिए बैठे गुप्ता बंधुओं की मुश्किलें अब बढ़ने वाली हैं।


