खाद्य उद्योग संघ ने की एफएसएसएआई (FSSAI) अधिनियम की समीक्षा व सुधार की मांग

खाद्य उद्योग संघ ने की एफएसएसएआई (FSSAI) अधिनियम की समीक्षा व सुधार की मांग

खाद्य उद्योग संघ ने की एफएसएसएआई (FSSAI) अधिनियम की समीक्षा व सुधार की मांग

खाद्य उद्योग संघ ने की एफएसएसएआई (FSSAI) अधिनियम की समीक्षा व सुधार की मांग
खाद्य उद्योग संघ ने की एफएसएसएआई (FSSAI) अधिनियम की समीक्षा व सुधार की मांग

देहरादून। खाद्य उद्योग संघ उत्तराखण्ड (एफआईएयू) ने सरकार से मांग की है कि जिस प्रकार वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम(GST) की समीक्षा एवं सुधार के प्रयास किए गए हैं, उसी प्रकार खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) 2006 की भी समीक्षा तथा उसमें आवश्यक सुधार किए जाएं। इसके साथ ही कृषि मंडी से संबंधित प्रावधानों को भी उद्योगों के लिए सरल बनाया जाए।

FSSAI

गुरुवार को खाद्य उद्योग संघ उत्तराखंड के प्रांतीय कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखण्ड को व्यापारियों के हितों के लिए किए जा रहे कार्यों पर पूर्ण सहयोग और समर्थन देने का आश्वासन दिया। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल देहरादून के महानगर अध्यक्ष विशाल गुप्ता को उनके प्रस्तावित व्यापारी सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की गई। इस अवसर पर यह निर्णय लिया गया कि आगामी व्यापारी सम्मेलन में मुख्यमंत्री के समक्ष यह महत्वपूर्ण मांग उठाई जाएगी कि प्रदेश में कार्यरत सभी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिष्ठान और विपणन केन्द्रों को आदेशित किया जाए कि वे अपनी कुल खरीद का कम से कम 35 प्रतिशत उत्तराखण्ड की लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योग इकाइयों से सुनिश्चित करें। इसके साथ ही कृषि मंडी से संबंधित प्रावधानों को भी उद्योगों के लिए सरल बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

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बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने व्यापारी और उद्यमी एकता पर जोर देते हुए कहा कि मौजूदा समय में जिस प्रकार केन्द्र सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम की समीक्षा एवं सुधार के प्रयास किए हैं, उसी प्रकार खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की भी समीक्षा तथा उसमें आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए। उनका कहना था कि यह अधिनियम लगभग बीस वर्ष पूर्व की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर बनाया गया था, जबकि आज की परिस्थितियां बिल्कुल भिन्न हैं। इसलिए इसे समयानुकूल और लघु एवं मध्यम उद्योगों के अनुकूल बनाना अत्यंत आवश्यक है।

खाद्य उद्योग संघ उत्तराखण्ड की ओर से इस बात पर भी चिंता व्यक्त की गई कि वर्तमान खाद्य सुरक्षा अधिनियम की जटिलताओं के कारण प्रदेश की लघु और मध्यम उद्योग इकाइयों में असमंजस और भय की स्थिति बनी हुई है, जिसका प्रत्यक्ष लाभ बहुराष्ट्रीय कंपनियां उठा रही हैं। इसी क्रम में राज्य स्तरीय खाद्य सुरक्षा परामर्श समिति में खाद्य उद्योग संघ उत्तराखण्ड का प्रतिनिधित्व न होने पर रोष प्रकट किया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि कई बार राज्य सरकार को पत्र लिखने तथा मंत्रियों और वरिष्ठ सहयोगियों को ज्ञापन सौंपने के बावजूद इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

बैठक में प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष विशाल गुप्ता, महानगर कोषाध्यक्ष तेजेन्द्र गर्ग, खाद्य उद्योग संघ उत्तराखण्ड के राज्य समन्वयक अनिल मारवाह, राज्य सह-समन्वयक पवन अग्रवाल, संघ के संरक्षक कृष्ण कुमार अग्रवाल तथा कोर समिति के वरिष्ठ सदस्य विक्की बारी और मयंक गर्ग उपस्थित रहे।

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By Raju Pushola

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