मोबाइल मिला तो आई चेहरे पर मुस्कान, दून पुलिस ने लौटाए 53 लाख के 228 फोन

देहरादून, 13 सितंबर। मोबाइल फोन हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। ये अब इतना जरूरी हो गया है कि खोने या चोरी होने पर इंसान अपनों के खोने जैसा दुख महसूस करने लगता है। देहरादून पुलिस की साइबर सेल ने ऐसे ही कुछ मायूस लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है। जिले में अलग-अलग स्थानों से खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की टीम ने 53 लाख से अधिक कीमत के कुल 228 मोबाइल फोन रिकवर किए हैं। इन सभी मोबाइलों को शुक्रवार को पुलिस कार्यालय देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उनके वास्तविक स्वामियों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून द्वारा सुपुर्द किया गया।
एसएसपी देहरादून ने बताया कि जनपद में मोबाइल गुम होने या चोरी होने की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और आमजन को राहत देने के लिए साइबर क्राइम सेल को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए थे। उन्हीं निर्देशों के क्रम में टीम ने कड़ी मेहनत और तकनीकी निगरानी (सर्विलांस) के माध्यम से न केवल उत्तराखंड बल्कि अन्य राज्यों से भी गुमशुदा मोबाइल फोन ट्रेस किए और उन्हें बरामद कर स्वामियों तक पहुंचाया। बरामद किए गए मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 53 लाख 53 हजार से अधिक आंकी गई है।
अपने खोए हुए मोबाइल फोन को वापस पाकर स्वामियों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने दून पुलिस की इस पहल की खुलकर सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की तत्परता और तकनीकी दक्षता के चलते उन्हें अपनी कीमती संपत्ति वापस मिल पाई।
साइबर सेल की इस उपलब्धि के पीछे सहायक पुलिस अधीक्षक/सीओ साइबर अंकुश मिश्रा, पुलिस उपाधीक्षक स्पेशल ऑपरेशन्स अंकित कंडारी, निरीक्षक गिरीश चंद्र शर्मा (प्रभारी साइबर क्राइम सेल) सहित टीम के अन्य पुलिसकर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही एसओजी और थानों में तैनात कर्मियों ने भी CEIR पोर्टल पर प्राप्त सूचनाओं पर तेजी से कार्रवाई करते हुए इस अभियान को सफल बनाया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि वे लालच में आकर किसी भी अज्ञात व्यक्ति से सस्ते दामों पर मोबाइल फोन न खरीदें। बिना वैध बिल और पहचान पत्र के मोबाइल खरीदना न केवल कानूनन गलत है बल्कि इससे आप भी अपराध की कड़ी में शामिल हो सकते हैं।


