भव्य और दिव्य होगी इस बार नंदा राजजात यात्रा
मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से किया मां नंदा देवी मेले का उद्घाटन

अल्मोड़ा: 28अगस्त । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को वर्चुअल माध्यम से मां नंदा देवी मेला-2025 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह मेला केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक सशक्तिकरण का भी मंच है। उन्होंने घोषणा की कि वर्ष 2026 में होने वाली मां नंदा राजजात यात्रा को भव्य और दिव्य स्वरूप देने की तैयारियां पहले से शुरू कर दी गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक धरोहरों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के साथ ही समग्र विकास के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने बताया कि मानसखंड पर्वत माला मिशन के अंतर्गत जागेश्वर धाम सौंदर्यीकरण पर 146 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि मां नंदा देवी मंदिर का पुनर्निर्माण पारंपरिक शैली में किया जाएगा। साथ ही डीनापानी में “नंदा देवी हस्तशिल्प ग्राम” की स्थापना की जाएगी, जिससे स्थानीय कारीगरों और महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की जानकारी देते हुए बताया कि अल्मोड़ा में 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक और महिला चिकित्सालय का अपग्रेडेशन किया जा रहा है, वहीं सोमेश्वर में उपजिला अस्पताल का निर्माण तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क और परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 922 करोड़ की लागत से अल्मोड़ा-बागेश्वर सड़क चौड़ीकरण सहित सैकड़ों किलोमीटर ग्रामीण मार्गों का निर्माण किया जा रहा है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हेली सेवाएं, हेलीपैड और पार्किंग स्थलों का विकास भी जारी है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “एक जनपद दो उत्पाद”, “मिलेट मिशन” और “वोकल फॉर लोकल” जैसी योजनाएं स्थानीय अर्थव्यवस्था और आजीविका को सशक्त बना रही हैं। उन्होंने कहा कि पलायन रोकने, युवाओं को रोजगार से जोड़ने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और जनसांख्यिकी को सुरक्षित रखने के लिए सरकार धर्मांतरण विरोधी कानून, भू-कानून और अवैध मदरसों पर कार्रवाई जैसे कठोर फैसले ले रही है। साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि 1 जुलाई 2026 से उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड समाप्त कर दिया जाएगा और केवल वे ही मदरसे मान्य होंगे जो सरकारी पाठ्यक्रम पढ़ाएंगे।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक धरोहरों का गौरवशाली पुनर्जागरण हो रहा है और उत्तराखंड सरकार भी इसी दिशा में काम कर रही है। मां नंदा देवी मेला प्रदेश की आस्था और पहचान का प्रतीक है, जिसे और अधिक भव्य स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है।


