नकली दवाओं का गिरोह चलाते थे पति-पत्नी, एसटीएफ ने पंजाब से किया गिरफ्तार

देहरादून, 6 सितंबर। उत्तराखंड की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नकली दवाओं के गोरखधंधे में सक्रिय एक बड़े गिरोह की परतें खोल दी हैं। इस सिलसिले में एसटीएफ ने पंजाब के जीरकपुर से पति-पत्नी की जोड़ी को दबोचा है, जिनकी पहचान प्रदीप कुमार और श्रुति डावर के रूप में हुई है। दोनों को इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है।
एसटीएफ की जांच में अब तक इस गिरोह के 12 सदस्य जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने मामले का खुलासा करते हुए कहा कि गिरोह देहरादून और हरिद्वार में नकली दवाओं का निर्माण करता था। इसके बाद इन दवाओं को पैकिंग के लिए राजस्थान के भिवाड़ी भेजा जाता था, जहां बिल्स्टर मशीन की मदद से इन्हें नामी-गिरामी कंपनियों के ब्रांड के रूप में पैक कर दिया जाता था। पैकिंग के बाद यह दवाएं देश के छह राज्यों में खपाई जाती थीं।
पकड़े गए आरोपी प्रदीप कुमार का आपराधिक रिकॉर्ड भी लंबा है। वर्ष 2021 में वह कोरोना काल के दौरान नकली रेमडेसिविर बेचने के आरोप में जेल जा चुका है। जांच में सामने आया है कि उसकी फर्जी कंपनी साईं फार्मा के खाते में बीते दो वर्षों में लगभग 14 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है। इसके अलावा, वह हरियाणा के पानीपत में ए.पी. मेडिकोज नामक एक मेडिकल स्टोर भी चलाता था, जिसका इस्तेमाल नकली दवाओं की आपूर्ति के लिए किया जाता था।


