पहाड़ों पर बिछी बर्फ की चादर, मैदानों में हुआ ठंड का एहसास

देहरादून में बारिश से मौसम हुआ सुहावना, पारा सात डिग्री लुढ़का

देहरादून, 7 अक्टूबर 2025 — मंगलवार की सुबह से देहरादून और आसपास के इलाकों में रुक-रुक कर हो रही बारिश ने एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल दिया है। मौसम विभाग की ओर से मॉनसून की विदाई की घोषणा के बाद यह पहली सक्रिय वर्षा मानी जा रही है। पिछले कुछ दिनों से शुष्क और हल्की ठंड वाली स्थिति के बाद हुई इस बारिश से तापमान में 7 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। बद्रीनाथ–केदारनाथ सहित चारों धामों में सीजन की पहली बर्फबारी हुई। उच्च हिमालयी चोटियां जहां बर्फ से लकदक हो गई हैं वहीं मध्य हिमालय में भी पहाड़ों पर सफेद चादर सी बीच गई है।
सितंबर महीने में देहरादून ने रिकॉर्ड तोड़ बारिश का सामना किया था, जिससे कई क्षेत्रों में जलभराव और भूस्खलन की घटनाएँ सामने आई थीं। इसके बाद लगभग एक सप्ताह तक मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा। सोमवार देर रात से शुरू हुई बूंदाबांदी मंगलवार सुबह तक तेज़ बारिश में तब्दील हो गई। इससे वातावरण में नमी बढ़ी और हवा में ठंडक घुल गई। मौसम विभाग के अनुसार, यह बारिश स्थानीय वायुमंडलीय अस्थिरता और पश्चिमी विक्षोभ के कारण हो रही है, जो अगले कुछ दिनों तक सक्रिय रह सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी 48 घंटों तक देहरादून और आसपास के जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना बनी हुई है। इस दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से दो से तीन डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया जा सकता है। रात का तापमान भी गिरने के आसार हैं, जिससे सुबह-शाम की ठंड में इजाफा होगा। विभाग ने लोगों को हल्के गर्म कपड़े तैयार रखने और वर्षा के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह वर्षा, भले ही अल्पकालिक हो, लेकिन यह उत्तराखंड के पर्वतीय और तराई क्षेत्रों में मिट्टी की नमी को प्रभावित कर सकती है। ऊँचे इलाकों में बर्फ पिघलने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। हालांकि, विभाग का अनुमान है कि आने वाले सप्ताह के मध्य तक मौसम धीरे-धीरे शुष्क हो जाएगा और अक्टूबर के उत्तरार्ध में ठंड का प्रभाव और बढ़ने लगेगा।


