‘रील’ बनाने का शौक था पुलिस ने बना दी ‘रेल’

देहरादून, 10 सितंबर : सोशल मीडिया के दौर में ‘रील’ और ‘रियल’ का फर्क लगातार धुंधला होता जा रहा है। ताज़ा मामला हर्रावाला क्षेत्र का है, जहाँ जन्मदिन की खुशी मनाने बैठे तीन युवकों ने ज़िंदगी को रील समझकर नकली पिस्तौल से केक काटने का स्टंट किया और सीधे पुलिस की गिरफ्त तक पहुँच गए।
दरअसल, अभिषेक नामक युवक के जन्मदिन पर उसके दोस्तों अमित और कार्तिक ने मिलकर ऐसा वीडियो बनाया, जिसे वे फेसबुक पर वायरल करना चाहते थे। लेकिन यह वायरल वीडियो सबसे पहले पुलिस की नज़र में आया। जाँच हुई तो पता चला कि पिस्तौल असल में एक लाइटर था। बावजूद इसके, युवकों की करतूत को हल्के में न लेकर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की।
यह घटना केवल एक सनसनीखेज वाकया नहीं, बल्कि उस सामाजिक प्रवृत्ति पर सवाल है जहाँ युवा वास्तविक उपलब्धियों की बजाय वर्चुअल प्रसिद्धि के पीछे भाग रहे हैं। रील की चकाचौंध में रियल जीवन की गंभीरता और ज़िम्मेदारी कहीं खोती जा रही है।
यह समय है जब समाज और परिवारों को युवाओं को समझाना होगा कि लाइक्स और व्यूज़ की दुनिया क्षणिक है, जबकि रियल जीवन की सज़ाएँ और परिणाम स्थायी होते हैं। केक पर चाकू की धार से कहीं ज़्यादा ख़तरनाक है वह धार, जो गैरज़िम्मेदारी से भविष्य को काट देती है।


