‘सन’ की बेटियां कर रही कमाल, आत्मनिर्भरता की बनीं मिसाल

रुद्रप्रयाग, 25 सितंबर : मन्दाकिनी घाटी में स्थित अगस्त्यमुनि विकासखंड की ग्राम पंचायत सन की महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि यदि अवसर और सहयोग मिले तो छोटे गांव भी बड़े सपनों को साकार कर सकते हैं।
प्रदेश सरकार की ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि ग्रामोत्थान परियोजना के तहत यहां स्थापित मिलेट बेकरी यूनिट अब पूरे इलाके के लिए उम्मीद की किरण बन चुकी है। इस यूनिट का संचालन पूरी तरह स्थानीय महिलाओं के हाथों में है। वे मंडुवे के बिस्कुट, पौष्टिक बर्फी, चौलाई के लड्डू, ब्रेड, क्रीम रोल, बन और रस्क जैसे जैविक उत्पाद तैयार कर रही हैं।
यह पहल न केवल गांव के उपभोक्ताओं को स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद उपलब्ध करा रही है, बल्कि स्थानीय काश्तकारों को उनकी उपज का उचित मूल्य भी दिला रही है। गांव की महिलाओं की यह मेहनत एक ओर जहां आजीविका के नए अवसर पैदा कर रही है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त दिशा दे रही है।
परियोजना के अंतर्गत उन्नमित स्वायत्त सहकारिता नारी की 20 से अधिक महिलाओं को विशेषज्ञों से प्रशिक्षण मिला। उन्होंने उत्पादन तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण और उत्पाद प्रबंधन के गुर सीखे। आज वही महिलाएं आत्मविश्वास से इस यूनिट को सफलतापूर्वक चला रही हैं।
ग्राम पंचायत सन की यह पहल इस बात का प्रमाण है कि यदि महिलाओं को अवसर, प्रशिक्षण और सहयोग दिया जाए तो वे न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि पूरे समाज और क्षेत्र की प्रगति का मार्ग भी प्रशस्त कर सकती हैं।


