तेज-तर्रार आईपीएस रचिता जुयाल का इस्तीफा मंजूर

देहरादून, 26 सितंबर। केंद्र सरकार ने 2015 बैच की उत्तराखण्ड कैडर की आईपीएस अधिकारी रचिता जुयाल का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। राज्य सरकार ने भी उसके इस्तीफे को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

रचिता जुयाल, जो वर्तमान में एसएसपी विजिलेंस थीं, ने “व्यक्तिगत कारणों” का हवाला देते हुए अपनी सेवाएँ त्यागने का निर्णय लिया। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका कदम बाहरी दबाव या राजनीतिक हस्तक्षेप से प्रेरित नहीं, बल्कि पारिवारिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों की वजह से था।
प्रदेश में लगभग दस वर्ष की सेवा के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। उन्होंने राज्यपाल के एडीसी के रूप में भी कार्य किया और इंटेलिजेंस ब्यूरो में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति भी निभाई। वर्तमान में बतौर एसपी विजिलेंस उनकी टीम ने आईएसबीटी चौकी इंचार्ज को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार करने वाली कार्रवाई की, जिससे उनके कार्यशैली की सकारात्मक छवि बनी थी।
इतना ही नहीं, उनके आने वाले फैसले को लेकर मीडिया एवं सामाजिक मंचों में चर्चा रही कि क्या उनका इस्तीफा भ्रष्टाचार रोकने में उनकी भूमिका से जुड़ी किसी घटना से प्रभावित था। हालांकि जुयाल ने स्वयं इन अटकलों का खंडन करते हुए कहा है कि किसी अन्य कारण ने उन्हें यह निर्णय लेने पर मजबूर किया।
इस प्रकार, केंद्र और राज्य सरकारों की मंजूरी के साथ आईपीएस रचिता जुयाल ने अपनी सक्रिय पुलिस सेवा से वीआरएस ले लिया है। उनकी इस विदाई से सुरक्षा और प्रशासनिक मंडल में एक सक्रिय, साहसी और संवेदनशील अधिकारी का जाना माना जा रहा है।


