Uttarkashi: स्यानाचट्टी में एक बार फिर पुल के उपर से बहा पानी

Uttarkashi: यमुनोत्री हाईवे पर कई जगह भू–धंसाव का बढ़ा खतरा
देहरादून, 01सितंबर।यमुनोत्री हाईवे पर एक बार फिर खतरा मंडराने लगा है। बीते कई दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश के बाद यमुना नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और कई पेड़ बहकर स्यानाचट्टी के पुल पर अटक गए। इसके चलते नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा और आसपास के होटलों व आवासीय क्षेत्रों में घुस गया। देखते ही देखते यहां एक बार फिर झील जैसी स्थिति बन गई। यह तीसरी बार है जब स्यानाचट्टी में ऐसी स्थिति बनी है, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत है।
हालांकि सिंचाई विभाग की मशीनें लगातार मलबा हटाकर जलस्तर सामान्य करने की कोशिश कर रही हैं और एनएच विभाग भी पुल पर फंसे पेड़ों को निकालने में जुटा है, लेकिन लगातार बारिश से खतरा टला नहीं है। इस बीच पूर्व विधायक केदार सिंह रावत ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आपदा के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर झील के निर्माण के समय तकनीकी उपाय अपनाए गए होते तो आज यह स्थिति न बनती। उन्होंने स्यानाचट्टी के दोनों ओर खड्डों पर सुरक्षात्मक कार्य और वरुणावत की तर्ज पर पहाड़ियों का ट्रीटमेंट कराने की मांग की।
मानसून के बाद यमुनोत्री धाम की यात्रा को सुरक्षित करना राजमार्ग निर्माण खंड बड़कोट के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। जंगलचट्टी समेत छह नए स्थानों पर भूस्खलन और भू-धंसाव के हालात बने हुए हैं। यमुना का बढ़ता जलस्तर भी पुल को लगातार खतरे में डाल रहा है। पिछले आठ दिनों से जंगलचट्टी और नारदचट्टी के पास भू-धंसाव के कारण हाईवे बंद पड़ा है। कुथनौर से जानकीचट्टी तक करीब 12 जगह सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त है और कई हिस्सों में बोल्डर गिरने का खतरा बना हुआ है।
नौगांव ब्लॉक की नवनिर्वाचित प्रमुख सरोज पंवार ने प्रशासन और राजमार्ग विभाग से हाईवे को जल्द बहाल करने की मांग की है ताकि चारधाम यात्रा प्रभावित न हो। वहीं, राजमार्ग निर्माण खंड बड़कोट के ईई मनोज रावत का कहना है कि लगातार बारिश से स्थिति बिगड़ रही है। सड़क को खोलने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हर दिन नए कटाव और भू-धंसाव सामने आ रहे हैं। फिर भी मैनपावर और मशीनों की मदद से मार्ग को बहाल करने का प्रयास जारी है।


