उत्तराखंड की डमोग्राफी को नहीं बदलने देंगे: धामी

देहरादून 07 सितंबर। श्री दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर में आयोजित जैन समाज सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हुए और धर्मगुरुओं का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि जैन धर्म ने दुनिया को यह अनूठा संदेश दिया है कि अहिंसा ही सच्ची वीरता का धर्म है।उन्होंने कहा कि आचार्य सौरभ सागर मुनि जी महाराज का जीवन संयम, त्याग और अहिंसा के अद्वितीय आदर्शों का प्रतीक है। सौरभांचल तीर्थ और जीवन आशा अस्पताल उनके दूरदर्शी नेतृत्व और करुणा के उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जो समाज को धर्म और सेवा के पथ पर निरंतर अग्रसर कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जैन समाज की संगठन क्षमता और सामाजिक एकता की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज हमेशा से आदर्श प्रस्तुत करता आया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए संकल्पबद्ध है किसी भी कीमत पर राज्य की डेमोग्राफी को नहीं बदलने दिया जाएगा। इसी दिशा में उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की है।
उन्होंने कहा कि नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद प्रदेश में 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं। साथ ही सरकार ने देवभूमि उत्तराखंड की जनसांख्यिकी संरक्षित रखने के लिए धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानून लागू किए हैं। अब तक नौ हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि जैन कल्याण बोर्ड के गठन के संबंध में प्राप्त सुझावों पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जैन समाज आगे भी उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास में सहयोग देता रहेगा।
इस अवसर पर रविंद्र मुनि जी महाराज, श्री राजेश मुनि जी महाराज, विधायक विनोद चमोली, खजानदास, पद्मश्री डॉ. आर.के. जैन सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


