उत्तराखंड में ‘रेत वाले नमक’ से हड़कंप, देहरादून–रुद्रप्रयाग सहित कई जिलों में छापेमारी

देहरादून, 05 सितंबर। उत्तराखंड में सरकारी राशन वितरण प्रणाली पर एक बार फिर से गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। कई जिलों से ऐसी शिकायतें सामने आई हैं कि राशन की दुकानों पर बांटा जा रहा नमक शुद्ध नहीं है, बल्कि उसमें रेत और धूल जैसी मिलावट मिली हुई है। सोशल मीडिया पर उपभोक्ताओं द्वारा बनाए गए वीडियो सामने आने के बाद प्रदेशभर में हड़कंप मच गया है। उपभोक्ताओं ने साफ कहा है कि उन्हें मिला नमक इतना खराब है कि उसका इस्तेमाल खाना बनाने में तक नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद देहरादून के मसूरी, विकास नगर, ऋषिकेश के साथ ही रुद्रप्रयाग व अन्य जिलों में जिला प्रशासन, खाद्य विभाग और फूड सेफ्टी विभाग की संयुक्त टीमों ने सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की।

चौंकाने वाली बात यह है कि यह वही नमक है जो मुख्यमंत्री नमक पोषण योजना के तहत सरकारी ब्रांडिंग के साथ वितरित किया जा रहा है। पैकेट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य की तस्वीर छपी हुई है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जिस ब्रांड को सरकार ने भरोसे की पहचान बनाया, क्या उसी में मिलावट होना किसी बड़े षड्यंत्र या भ्रष्टाचार का हिस्सा तो नहीं?
मामला तूल पकड़ने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आयुक्त चंद्रेश कुमार ने जानकारी दी कि जून 2024 से संचालित मुख्यमंत्री नमक पोषण योजना के तहत राज्यभर में राशन कार्ड धारकों को मात्र 8 रुपए प्रति किलो की दर से आयोडीन युक्त नमक उपलब्ध कराया जा रहा है। इसकी आपूर्ति की जिम्मेदारी भारत सरकार की ओर से नामित संस्था भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ (एनसीसीएफ) को दी गई है।
विभाग का दावा है कि अब तक मिले सभी परीक्षण नमूनों ने नमक की गुणवत्ता को सही ठहराया है। एनसीसीएफ द्वारा रक्षा खाद्य एवं अनुसंधान प्रयोगशाला मैसूर और एनएबीएल मान्यता प्राप्त आईटीसी लैब्स की रिपोर्ट में नमक को एफएसएसएआई मानकों के अनुरूप बताया गया है। इसी तरह राज्य की खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला, रुद्रपुर में कराई गई जांच में भी 19 अगस्त को वितरित किए गए नमक को अच्छी गुणवत्ता का पाया गया।
फिर भी, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उपभोक्ताओं की शिकायतों के मद्देनजर सरकार ने सभी जिलों की राशन दुकानों से नमक के नए नमूने इकट्ठा कर उन्हें देहरादून स्थित खाद्य प्रयोगशाला भेजा है। इसके साथ ही दुकानों में अन्य खाद्यान्नों की गुणवत्ता भी परखी गई है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद यदि कहीं भी अनियमितता या मिलावट की पुष्टि होती है, तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


