उत्तराखंड महिलाओं के लिए पहले से अधिक सुरक्षित, अपराधों में 12 प्रतिशत की कमी

NCRB की रिपोर्ट में साइबर यौन उत्पीड़न में भी आई कमी, चोरी हुई संपत्ति बरामदगी में राज्य अव्वल
देहरादून, 06 अक्टूबर 2025। उत्तराखंड में महिला अपराधों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार राज्य में महिलाओं के प्रति अपराधों में 12 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि साइबर यौन अपराधों में 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। चोरी हुई संपत्तियों की बरामदगी दर भी उत्तराखंड में राष्ट्रीय औसत से दोगुनी रही है।
पुलिस मुख्यालय देहरादून स्थित सरदार पटेल भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि वर्ष 2022 में जहां 4337 महिला अपराध के मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2023 में यह घटकर 3808 रह गए और 2024 में यह संख्या घटकर 3342 पर आ गई। उन्होंने कहा कि यह कमी उत्तराखंड पुलिस के लगातार प्रयासों का परिणाम है।
महिला अपराध से जुड़ी श्रेणियों में भी सुधार देखने को मिला है। वर्ष 2024 में हत्या के मामलों में 1.75 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जबकि दहेज हत्या के मामलों में 20 प्रतिशत की गिरावट आई। वर्ष 2024 में दर्ज 530 अपहरण के मामलों में से 94 प्रतिशत का अनावरण किया जा चुका है। बलात्कार के मामलों में 98 प्रतिशत जांच पूरी की गई है।
डॉ. भरणे ने बताया कि साइबर अपराधों पर रोकथाम के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप 2024 में साइबर यौन अपराधों में 13 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने कहा कि एनसीआरबी की 2023 की रिपोर्ट में हिमालयी राज्यों से गुमशुदा बच्चों के आंकड़े भी शामिल किए गए हैं, लेकिन एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र ने इन आंकड़ों को गलत तरीके से प्रकाशित कर जनता में भ्रम की स्थिति पैदा की।
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 में राज्य में कुल 1025 बच्चे लापता हुए थे, जिनमें से 933 बच्चों को पुलिस ने वर्ष के अंत तक बरामद कर लिया था। वर्तमान में इनमें से 77 और बच्चों को भी खोज लिया गया है। यानी कुल 1010 बच्चे अब तक बरामद किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि एनसीआरबी की रिपोर्ट में उत्तराखंड राज्य आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज मामलों में देशभर में दूसरे स्थान पर है। हत्या के मामलों में 2.14 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, और इस श्रेणी में राज्य देशभर में सातवें स्थान पर है। चोरी की संपत्ति की बरामदगी दर उत्तराखंड में 52.4 प्रतिशत है, जो कि राष्ट्रीय औसत 31.4 प्रतिशत से कहीं अधिक है।


