वर्दी पर दाग: प्रवीण वाल्मीकि गैंग से जुड़े दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार, एसटीएफ की करवाई

देहरादून, 17 सितंबर। उत्तराखंड एसटीएफ ने कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस विभाग में तैनात दो आरक्षियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इन दोनों पर गैंग से मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेजों के जरिये करोड़ों की संपत्ति हड़पने और पीड़ित परिवार को धमकाने जैसे गंभीर आरोप हैं।
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यह मामला हरिद्वार जिले के गंगनहर थाना क्षेत्र के ग्राम सुनेहरा से जुड़ा है। वर्ष 2014 में श्याम बिहारी की मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति की देखभाल उनके छोटे भाई कृष्ण गोपाल कर रहे थे। वर्ष 2018 में प्रवीण वाल्मीकि गैंग ने इस संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से कृष्ण गोपाल की हत्या कर दी। इसके बाद श्याम बिहारी की पत्नी रेखा ने संपत्ति संभाली, लेकिन जब उन्होंने भी संपत्ति सौंपने से इंकार किया तो 2019 में गैंग के सदस्य मनीष बॉलर और उसके साथियों ने रेखा के भाई सुभाष पर जानलेवा हमला कर दिया। भयभीत परिवार को अपना घर-बार छोड़कर अज्ञात स्थान पर जाना पड़ा।
परिवार की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर गैंग ने रेखा और कृष्ण गोपाल की पत्नियों के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार किए और पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिये संपत्ति बेच डाली। इस धोखाधड़ी में गैंग का सक्रिय सदस्य पंकज अष्टवाल मुख्य भूमिका में था। जांच में सामने आया कि गैंग को मदद पुलिस के दो सिपाही भी दे रहे थे। हरिद्वार निवासी आरक्षी शेर सिंह ने अप्रैल 2025 में रुड़की कोर्ट में पीड़ित को प्रवीण वाल्मीकि से मिलवाया था। वहीं सरधना, मेरठ निवासी आरक्षी हसन अब्बास जैदी ने मार्च 2025 में रेखा के बेटे सूर्यकांत को अस्पताल में धमकाकर संपत्ति बेचने का दबाव बनाया।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि दोनों आरक्षियों की गैंग से कॉल डिटेल्स और जेल में मुलाकात के सबूत मिले हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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